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भविष्य के स्टार्टअप लीडर तैयार करने की पहल, स्कूली छात्रों का NIT हमीरपुर इनक्यूबेशन सेंटर दौरा

स्कूली छात्रों ने NIT हमीरपुर के इनक्यूबेशन सेंटर का किया भ्रमण, स्टार्टअप और नवाचार से हुए अवगत

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हिमाचल के सरकारी स्कूलों के छात्रों में उद्यमशीलता और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट क्लासेस (EMC) प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि भविष्य का रोजगार सृजनकर्ता बनाना है।
हिमाचल में वर्तमान में यह प्रोजेक्ट प्रदेश के आठ जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 659 सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है। इनमें सर्वाधिक 544 स्कूल कांगड़ा जिला में हैं, जबकि हमीरपुर और ऊना जिलों में 25-25 स्कूलों में यह परियोजना लागू की गई है। इसके अतिरिक्त शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के कई स्कूल भी इस पहल का हिस्सा हैं।
EMC प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों को स्कूलों में नियमित उद्यमिता कक्षाओं के साथ-साथ इनक्यूबेशन सेंटरों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है, ताकि उन्हें नवाचार, समस्या की पहचान, समाधान चयन और विचारों को व्यावहारिक रूप देने की प्रक्रिया से परिचित कराया जा सके। इसी कड़ी में हमीरपुर जिला के नादौन ब्लॉक के पाँच सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), हमीरपुर के इनक्यूबेशन सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण EMC प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो समग्र शिक्षा की पहल से शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यालयों में संचालित हो रहा है। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के स्कूली छात्रों में उद्यमशील सोच विकसित करना तथा उन्हें नवाचार आधारित समाधानों की ओर प्रेरित करना है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इनक्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों से संवाद किया। इनक्यूबेशन सेंटर में छात्रों को आइडिया वैलिडेशन, समस्या और समाधान के सही चयन तथा नवाचार की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके साथ ही यह भी समझाया गया कि मेंटोरशिप, तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन के माध्यम से स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े विचारों को किस प्रकार मजबूत किया जाता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को 3D प्रिंटिंग और प्रोटोटाइप निर्माण जैसी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया, जिससे उन्हें अपने विचारों को वास्तविक रूप देने की प्रक्रिया को समझने में सहायता मिली। यह शैक्षणिक अनुभव छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा, जिसने उन्हें रचनात्मक सोच अपनाने, अपने विचारों को और बेहतर बनाने तथा विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता को भविष्य के संभावित करियर विकल्पों के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।

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Deepika Sharma

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