समग्र शिक्षा ने पहली कक्षा का बेसलाइन और दूसरी-तीसरी का एंडलाइन FLN सर्वे कराया
6714 ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में कराया असेसमेंट, शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में फरवरी में होगा अस्समेंट

*शिमला।*
समग्र शिक्षा ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों का बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) का असेसमेंट कराया है। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में हुई इस पहल के तहत पहली कक्षा के बच्चों का बेसलाइन सर्वे जबकि दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चों का एंड लाइन सर्वे किया गया है। यह सर्वे प्रदेश के 6714 ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले सरकारी स्कूलों में कराया गया है, जहां वर्तमान में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में यह असेसमेंट स्कूल खुलने के बाद फरवरी माह में कराया जाएगा।
देश के अन्य राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी निपुण भारत मिशन लागू किया गया है, जिसके तहत तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समग्र शिक्षा की ओर से अक्टूबर 2024 में पहली और दूसरी कक्षा के करीब 70 हजार बच्चों का बेसलाइन सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के आधार पर बच्चों के एफएलएन स्तर का आकलन किया गया और उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विशेष उपाय किए गए।
प्रदेश में 9719 प्राथमिक स्कूल हैं, जहां एफएलएन को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा की ओर से 19 से 21 जनवरी तक पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चों का असेसमेंट कराया गया। 19 जनवरी को पहली कक्षा का बेसलाइन सर्वे, 20 जनवरी को दूसरी कक्षा का एंड लाइन सर्वे तथा 21 जनवरी को तीसरी कक्षा के बच्चों का एंड लाइन सर्वे किया गया।
इस सर्वे से यह स्पष्ट होगा कि स्कूलों में किए गए सुधारात्मक प्रयासों से बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में कितना सुधार हुआ है। पहली कक्षा के बच्चों के बेसलाइन सर्वे से उनके प्रारंभिक स्तर का आकलन किया गया है, जिसके आधार पर समग्र शिक्षा आगे की रणनीति तैयार करेगा।
असेसमेंट के लिए समग्र शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप विशेष असेसमेंट टूल तैयार किया गया, जिसके माध्यम से बच्चों का हिंदी, अंग्रेजी और संख्या ज्ञान का मौखिक एवं लिखित मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का भी आकलन किया गया।
समग्र शिक्षा द्वारा इस असेसमेंट का संपूर्ण डाटा विद्या समीक्षा केंद्र के चैटबॉट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि राज्य स्तर पर समग्र शिक्षा और शिक्षा विभाग के अधिकारी इसका विश्लेषण कर सकें। इस सर्वे के निष्कर्षों को संबंधित अभिभावकों के साथ भी साझा किया जाएगा। असेसमेंट और परिणामों के बीच पाए गए अंतर के आधार पर स्कूल स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और आवश्यकता होने पर राज्य स्तर पर भी आवश्यक रणनीति तैयार की जाएगी।
समग्र शिक्षा में निपुण भारत मिशन की कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजुला शर्मा ने बताया कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में पहली कक्षा के बच्चों का बेसलाइन सर्वे जबकि दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चों का एंडलाइन सर्वे कराया गया है। उन्होंने कहा कि इन सर्वे के आधार पर बच्चों के एफएलएन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए समग्र शिक्षा द्वारा आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
