समावेशी शिक्षा को बढ़ावा: विशेष बच्चे विधानसभा से वाघा बॉर्डर तक करेंगे अध्ययन-भ्रमण

*शिमला।
समग्र शिक्षा समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन कर रहा है। इस यात्रा के अंतर्गत बच्चों को चंडीगढ़, अमृतसर और वाघा बॉर्डर जैसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व के स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कल शिमला से इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
इस दल में कुल 156 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 96 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, स्पेशल एजुकेटर्स, समावेशी शिक्षा के अधिकारी तथा अन्य शामिल हैं। यह एक्सपोजर विजिट 15 से 18 जनवरी तक आयोजित की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों से विशेष बच्चे गुरुवार को शिमला पहुंचे। शिमला में बच्चों के ठहरने की व्यवस्था आर्किड होटल में की गई है। यहां बच्चों ने सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास देखने लायक रहा।
*विधानसभा सचिवालय का दौरा करेंगे विशेष आवश्यकता वाले बच्चे*
16 जनवरी को सुबह हिमाचल विधानसभा सचिवालय का दौरा करेंगे। यहाँ बच्चे विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और प्रशासनिक ढांचे के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके पश्चात शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर विधानसभा परिसर से इन बच्चों को हरी झंडी दिखाकर चंडीगढ़ के लिए रवाना करेंगे। चंडीगढ़ पहुँचने पर बच्चे छतबीड़ ज़ू (Chhatbir Zoo) का भ्रमण कर वहां विभिन्न वन्य प्राणियों को नज़दीक से देखेंगे और जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण तथा वन्य जीवन के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। चंडीगढ़ में इनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
17 जनवरी को ये बच्चे चंडीगढ़ से अमृतसर के लिए रवाना होंगे और वहां से वाघा बॉर्डर जाएंगे। जहां वे भारत–पाकिस्तान सीमा पर शाम को रिट्रीट सेरेमनी (बीटिंग रिट्रीट) देखेंगे। सीमा सुरक्षा बलों द्वारा अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति से परिपूर्ण मार्च, ध्वज उतारने की प्रक्रिया और देशभक्ति के नारों के माध्यम से राष्ट्र प्रेम का अद्भुत वातावरण का अनुभव इन बच्चों में राष्ट्रीय गौरव, एकता और अनुशासन की भावना को और मजबूत करेगा।
18 जनवरी को बच्चे अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के दर्शन कर सेवा, समानता और शांति के संदेश से जुड़ेंगे तथा आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करेंगे। इसके पश्चात बच्चे जलियांवाला बाग का भी दौरा करेंगे, जहां वे देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के बलिदान से परिचित होंगे। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर समावेशी शिक्षा की स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रतिभा बाली तथा स्पेशल एजुकेटर्स बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे। इसके बाद 18 जनवरी को ही बच्चे अपने अनुभवों के साथ शिमला लौटेंगे। इस तरह यह यात्रा बच्चों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का एक समग्र प्रयास है।
इससे पहले जून 2025 में पहली बार सरकारी स्कूलों के विशेष बच्चों को दिल्ली और चंडीगढ़ की एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया था, जिसमें बच्चों को हवाई यात्रा का अनुभव भी कराया गया था। समावेशी शिक्षा की स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रतिभा बाली ने कहा कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत हो रही यह यात्रा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शैक्षणिक और सामाजिक दृष्टि से उपयोगी होने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और आत्मबल को भी नई दिशा देगी।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि यह एक्सपोजर विजिट बच्चों के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, नई सोच विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ी पहल है।



