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पुलिस मुख्यालय में हिमाचल प्रदेश पुलिस और नगर निगम शिमला के बीच संवाद — शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक और नशा रोकथाम पर साझा रणनीति*

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*पुलिस मुख्यालय में हिमाचल प्रदेश पुलिस और नगर निगम शिमला के बीच संवाद — शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक और नशा रोकथाम पर साझा रणनीति*

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मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में  पुलिस मुख्यालय, शिमला में हिमाचल प्रदेश पुलिस तथा नगर निगम शिमला के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच एक संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर निगम शिमला के माननीय महापौर तथा पार्षदगण उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश ने की तथा इसमें राज्य पुलिस एवं जिला शिमला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश ने महापौर एवं पार्षदों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अपने प्रकार की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य नगर निगम तथा पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों संस्थाओं के बीच एक नियमित और संरचित संवाद की शुरुआत है, जिससे शहर से जुड़े नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मुद्दों को मिलकर बेहतर ढंग से संबोधित किया जा सकेगा।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि नगर निगम के पार्षद अपने-अपने वार्डों में नागरिकों के सबसे निकट रहने वाले जनप्रतिनिधि होते हैं और उन्हें ट्रैफिक व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा, नशे की समस्या, अवैध गतिविधियों तथा अन्य स्थानीय मुद्दों से संबंधित शिकायतें और सुझाव सबसे पहले प्राप्त होते हैं। इसलिए उनके अनुभव और जमीनी फीडबैक पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिससे स्थानीय चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझकर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

बैठक के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) के कार्यों की भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर ERSS रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है और कुछ माह पूर्व 34वें स्थान से बढ़कर वर्तमान में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि बेहतर समन्वय, ERSS टीम के समर्पित प्रयासों तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के सुदृढ़ होने के कारण संभव हो पाई है। यह प्रणाली संकट में फंसे नागरिकों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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बैठक में सार्वजनिक सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, नशे की समस्या विशेषकर “चिट्टा” के बढ़ते खतरे तथा इसके विरुद्ध सामुदायिक जागरूकता और सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या का समाधान केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों के सक्रिय सहयोग और जागरूकता की भी आवश्यकता है।

नगर निगम शिमला के महापौर एवं पार्षदों ने हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार की संवादात्मक बैठक आयोजित करने की पहल की सराहना की तथा अपने-अपने वार्डों से संबंधित सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन तथा सामुदायिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न सुझाव और मुद्दे साझा किए। बैठक का माहौल खुला और सकारात्मक रहा, जिसमें नगर निगम तथा शिमला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश ने कहा कि आज की बैठक निरंतर संवाद की एक शुरुआत है और भविष्य में भी इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि शिमला शहर से जुड़े नागरिकों के मुद्दों का समाधान बेहतर समन्वय, आपसी समझ और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से किया जा सके।

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पुनः यह आश्वासन दिया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के साथ मिलकर कार्य करती रहेगी, ताकि शिमला शहर सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए अनुकूल बना रहे।

बैठक के दौरान सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में नशे की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा कुछ स्थानों को नशे के संभावित हॉटस्पॉट के रूप में भी चिन्हित किया। उन्होंने पुलिस विभाग से विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों के आसपास दिन-रात गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकि नशे के फैलाव को रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

इस पर पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश ने आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई करेगा तथा नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर शहर में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाएगा।

Deepika Sharma

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