सभी समाज के वर्ग मनरेगा की बहाली के लिए दे कांग्रेस का साथ- डॉक्टर दिनेश कुमार

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 10 जनवरी से 25 फरबरी तक कांग्रेस के कार्य कर्ता ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ पर केन्द्र की भाजपा शासित सरकार की कुण्ठा सोच को आम जनमानस तक पहुंचाएंगे यह जानकारी हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व मीडिया को-ओरडीनेटर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के को-ओरडीनेटर डॉक्टर दिनेश कुमार ने दी । उन्होंने कहा कि यह काम के अधिकार की रक्षा के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान है अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित संघर्ष की रूप रेखा जिसमे प्रत्येक जिला मुख्यालय मे 10 जनवरी को प्रैस कान्फ्रेंस , 11 जनवरी को प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर एक दिन का उपवास, 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क के माध्यम से राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी के पत्रों को सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा श्रमिकों को वितरण व विधान सभा स्तरीय नुक्कड सभाएं, 30 जनवरी को वार्ड स्तरीय शांतिपूर्ण धरना, 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ धरना, 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधान सभा घेराव व 16 फरवरी से 25 फरवरी तक आंचलिक एआईसीसी मनरेगा बचाओ रैलियां आयोजित की जाऐगी ताकि मनरेगा कार्य क्रम पुनः बहाल हो सके क्योंकि भाजपा शासित केंद्र सरकार ने आनन फानन मे मनरेगा कार्य क्रम लगभग समाप्त कर विबी जीरामजी नया कार्य क्रम का कानून बनाकर शत प्रतिशत अनुदान वाली केंद्रीय योजना को अब 60 प्रतिशत अनुदान वाली योजना बना दिया है जिसकी रूपरेखा,योजना का आकार अब पंचायते नही बल्कि केंद्र सरकार ही तय करेगी और इसे कब, कहां, किस राज्य मे लागू करना है, यह सब केंद्र सरकार पर ही निर्भर रहेगा जिस कारण राज्यों मे विपक्षी पार्टी की सरकारें नजरअंदाज होगी यही नही बल्कि आर्थिक बोझ से दबी राज्य सरकारें 40 प्रतिशत निर्धारित बजट का हिस्सा न उपलब्ध करवा पाने के कारण केंद्र की सहायता राशि से भी महरूम हो जाऐगी और यह वीबी जीरामजी योजना रोजगार की गारण्टी को शून्य कर देगी । उन्होने सभी समाज के जागरूक वर्ग व समाज सेवी संस्थाओ से आह्वान किया है कि कांग्रेस पार्टी के साथ इस आंदोलन का हिस्सा बनकर किसान, बागवान, मजदूर, गरीब व बेरोजगार वर्ग के साथ न्याय के लिए आवाज बने ताकि समाजहित मे मनरेगा पूर्णतः बहाल हो ।




