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15 वर्ष बाद 20 लाख से चमका पार्क, बच्चों के लिए नए झूले

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उपायुक्त की पहल: संकटमोचन मंदिर पार्क को मिला नया जीवन
 
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का संकटमोचन मंदिर पार्क अब नए स्वरूप में नजर आएगा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। संकटमोचन मंदिर पार्क का नवीनीकरण एक बहुत बड़ा कदम है, जिससे शिमला में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बहुत फायदा होगा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप के प्रयासों से पार्क को नया स्वरूप मिला है, जो कि वाकई सराहनीय है।
उल्लेखनीय है कि संकटमोचन राजधानी का एक प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिदिन सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन मंदिर के साथ बने इस पार्क की हालत पिछले वर्ष तक ख़राब थी। पार्क में लगे झूले टूट चुके थे और बच्चे मिट्टी में खेलने को मजबूर थे। संकट मोचन पार्क वर्ष 2004 में बना था, जिसके बाद वर्ष 2010 तक इसे इस्तेमाल किया गया लेकिन पिछले 15 वर्षों से इस पार्क का नवीनीकरण नहीं हुआ था, जिस वजह से पार्क की सुंदरता कम होने लगी।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने पिछले वर्ष पार्क का निरीक्षण किया और पार्क की दुर्दशा देख कर तुरंत इसके जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। पिछले कई महीने से इस पार्क का काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि मंदिर का परिसर आकर्षक लगे, इसलिए पार्क को लगभग 20 लाख रुपए की लागत से नए रूप में तैयार करवाया जा रहा है। अब यहां बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा पूरे पार्क में ग्रीन कारपेट भी बिछाया गया है ताकि बच्चों को खेलने की सुविधा मिल सके। बच्चों के खेलने और सजावट के लिए पार्क में नए खिलौने व पुतले लगाए गए हैं और बैठने की भी व्यवस्था की गयी है। यह कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पार्क को इस महीने ही पर्यटकों और स्थानीय बच्चों के लिए खोल दिया जाएगा।
Deepika Sharma

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