Asar EXCLUSIVE: हिमाचल के स्कूलों में मोबाइल की छुट्टी!अधिसूचना जारी
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में मोबाइल पूरी तरह बैन! 1 जनवरी 2026 से सख़्ती, जेब में मिला फोन तो सजा तय

छात्रों पर पूर्ण प्रतिबंध, शिक्षकों के लिए भी कड़े नियम, उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई — शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में मोबाइल फोन और अन्य व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का बड़ा और सख़्त फैसला लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियम 1 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगा।

आदेश के तहत अब छात्र मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, फिटनेस बैंड, हेडफोन, टैबलेट, म्यूजिक प्लेयर, गेमिंग डिवाइस या किसी भी तरह के रिकॉर्डिंग/इंटरनेट सक्षम उपकरण स्कूल परिसर में नहीं ला सकेंगे।
शिक्षा विभाग का कहना है कि मोबाइल की बढ़ती लत पढ़ाई में बाधा बन रही है। शोधों में यह सामने आया है कि मोबाइल फोन छात्रों की एकाग्रता, उत्पादकता और अनुशासन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। साथ ही साइबर बुलिंग, प्राइवेसी उल्लंघन और अनुचित कंटेंट का खतरा भी बढ़ा है।
सख़्ती यहीं नहीं रुकी।
यदि कोई छात्र स्कूल में मोबाइल के साथ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई, बार-बार उल्लंघन पर निष्कासन तक का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की सहमति से आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
हालांकि, सुरक्षा या गंभीर स्वास्थ्य कारणों जैसी विशेष परिस्थितियों में अभिभावक की लिखित अनुमति से छात्र को मोबाइल लाने की छूट मिलेगी, लेकिन फोन स्कूल के एक निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा और केवल ब्रेक के समय ही कॉल की अनुमति होगी।
शिक्षक भी रडार पर
आदेश में शिक्षकों के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। कक्षा, परीक्षा या लैब के दौरान शिक्षक मोबाइल का निजी उपयोग नहीं कर सकेंगे। सोशल मीडिया, गेमिंग या मनोरंजन संबंधी गतिविधियों पर पूर्ण रोक रहेगी। नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
स्कूल प्रमुखों को इन आदेशों के पालन की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गाज प्रधानाचार्य/हेडमास्टर पर भी गिर सकती है।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर (IAS) द्वारा जारी यह आदेश प्रदेश में डिजिटल अनुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


