नौहरा धार विद्यालय में संविधान दिवस पर विशेष कार्यक्रम

पी एम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नौहरा धार में संविधान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत प्रातःकालीन सभा में जहां अरावली सदन की सदस्य समृद्धि तथा आरजू ने संविधान पर काव्य पाठ किया वही विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य सुरेंद्र पुंडीर ने संविधान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इसी दिवस पर सायंकालीन सत्र में अंतर्सदनीय प्रश्नोत्तरी एवं पेपर रेडिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं । विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री द्वारा प्रेषित पत्र को भी विद्यार्थियों के समक्ष पढ़ा गया जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों सहित समस्त देशवासियों से विकसित भारत हेतु अपने मौलिक कर्तव्यों के निर्वाहन तथा अपने मताधिकार के सदुपयोग से लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की मूल विचारधारा को संरक्षित करने का आग्रह किया हे। साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर तथा संविधान सभा के प्रेसिडेंट डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के साथ साथ महान देशभक्त सरदार पटेल तथा धरती आभा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए देश के प्रति उनके असाधारण योगदान को स्मरण किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिमालय सदन से याशिका एवं तनीषा, अरावली सदन से आरजू एवं सचिन, शिवालिक सदन से समृद्धि एवं ईशा तथा नीलगिरी सदन से मुस्कान तथा सुहानी ने भाग लिया तथा नीलगिरी सदन की सुहानी तथा मुस्कान ने प्रथम स्थान , शिवालिक सदन की समृद्धि तथा ईशा ने द्वितीय स्थान तथा अरावली सदन की आरजू एवं सचिन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया जबकि क्विज मास्टर अजय चौहान तथा टाइम कीपर सुरेश कुमार के साथ इस प्रतियोगिता के आयोजन में शीतल कुमारी ने स्कोर अंक तालिका में सहयोग किया। संविधान दिवस की सभी गतिविधियों की बेहतरीन तैयारी में विद्यालय की राजनीति शास्त्र की प्रवक्ता सविता ठाकुर का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विद्यालय के चारी सदनों अरावली, हिमालय, नीलगिरि तथा शिवालिक के विद्यार्थियों तथा समस्त स्टाफ सदस्यों प्रवक्ता मधु पुंडीर, राम लाल ठाकुर, भी इन शर्मा,अनीता कुमारी अधीक्षक सज्जन सिंह, प्रियंका, सुरेश कुमार, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक अशोक कुमार , अजय चौहान,लाजवंती चौहान, किन्नू , परीक्षा चौहान, सविता देवी,शशि पाल चौहान, सोनिया कौशल, गुरदेवी, सुशील कुमार, अनिल दत्त ,ओम प्रकाश पुंडीर, सावित्री एवं शकुंतला ने भाग लिया।




