विशेषस्वास्थ्य

EXCLUSIVE: बच्चे निगल रहे सिक्के, पहुंचे आईजीएमसी

आईजीएमसी के गैसट्रोएंट्रोलोजी विभाग बचा रहा जान, छोटे बच्चों द्वारा सिक्के निगलने के मामले हिमाचल में सबसे ज्यादा

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हिमाचल के बच्चे सिक्के निगलने में नंबर वन सामने आ रहे हैं। हैरान हो गए ना लेकिन यह सच है ।आईजीएमसी के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में की गई स्टडी चौकाने वाला खुलासा कर रही है कि छोटे बच्चों द्वारा निगली जा रही चीजों में सिक्कों का निगलना सबसे ज्यादा सामने आ रहा है। इनकी उम्र महज 6 माह से 10 वर्ष तक बताई जा रही है। इस बारे में असर न्यूज़ ने आईजीएमसी के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर बृज शर्मा से बात की तो

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उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्के निगलने के मामले सबसे ज्यादा हिमाचल में आ रहे हैं ।

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यह मामले शहर ही नहीं बल्कि गांव से भी सामने आ रहे हैं। लेकिन सबसे सुखद बात यह सामने आ रही है कि जो भी मामले आईजीएमसी में बचाव के लिए आते हैं, उसमें से सभी बच्चों की जान आईजीएमसी के इस विभाग ने बचाई है। बताया जा रहा है कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्के निगलने के बाद परिवार जन उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लाते हैं लेकिन कई बार स्थिति इतनी नाजुक हो जाती है कि उन्हें प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल भेजा जाता है।  बृज शर्मा का कहना है कि इसे लेकर अभिभावकों को भी सतर्क रहना चाहिए कि छोटे बच्चों के हाथ ऐसी चीजें ना लगे जो वह उसे आसानी से ले लें। विभाग के द्वारा जानकारी यह बताती है कि हर वर्ष लगभग 20 से 25 मामले अस्पताल में पहुंच जाते हैं। जिसमें सबसे ज्यादा वह बच्चे ज्यादा देखे जा रहे हैं जिनकी उम्र 6 माह से 5 वर्ष तक के बीच में है।

चिकित्सकों ने इसे लेकर साफ किया है कि इसे लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए क्योंकि कई बार सांस की नली में किसी भी चीज के फंसने से बच्चे की मौत भी हो सकती है लिहाजा अभिभावक अपने घर में रखी वस्तु को लेकर सतर्क रहें।

Deepika Sharma

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