सम्पादकीय

सेब सीजन के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक

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शिमला : अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज बचत भवन सभागार में आगामी सेब सीजन के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सेब परिवहन, सड़कों की स्थिति, पार्किंग, मजदूरों की उपलब्धता, पैकिंग सामग्री, नियंत्रण कक्ष की स्थापना तथा संबंधित विभागों के समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे सेब सीजन के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करें ताकि बागवानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था एवं सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिला उपायुक्त ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों को सड़कों के रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए समय पर कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को सेब सीजन के दौरान निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा ताकि बागवानों को असुविधा न हो।

नियंत्रण कक्ष होंगे स्थापित

उपायुक्त ने कहा कि जिला में सेब परिवहन के दृष्टिगत जिला के 5 स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। मुख्य कंट्रोल रूम फागू में स्थापित किया जाएगा, जो 15 जुलाई से आरम्भ होगा। इसके अतिरिक्त सेब सीजन के दौरान निगरानी के लिए बलग, शोघी, गुम्मा एवं कुड्डु में नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने सम्बंधित उपमण्डलाधिकारिओं को नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों के तैनाती करने को कहा। इसके साथ ही उपनिदेशक बागवानी को मुख्य नियंत्रण कक्ष फागु में टेलीफोन, फैक्स, सीसीटीवी कैमरे आदि स्थापित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय रहते आवश्यकता अनुरूप जिला के विभिन्न स्थानों पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।

ओवरलोडिंग पर होगी सख्त कार्यवाही

उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति गाड़ियों में ओवरलोडिंग करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है इस पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि इस दौरान ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए उपयुक्त यातायात योजना बनाई जाएगी, ताकि यातायात संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। कोई भी ट्रक शिमला शहर में प्रवेश नहीं करेगा तथा उन्हें ढली-मेहली बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। सेब से लदे ट्रालों को सुबह 5 बजे से रात 9.30 बजे तक ठियोग और शिमला के बीच पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ठियोग की ओर जाने वाली खाली पिकअप को बेखल्टी से होकर भेजा जाएगा।

सभी एसडीएम मालभाड़े का करे निर्धारण

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उपायुक्त ने सभी उपमण्डलाधिकारिओं को अपने क्षेत्र में मालभाड़े का निर्धारण सुनिश्चित कर उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए ताकि आगामी आदेश कार्यालय से प्रेषित हो सके। दरों के निर्धारण में सड़क की स्थिति, बॉक्स की संख्या एवं डीज़ल की कीमतों को ध्यान में रखा जाए। माल ढुलाई शुल्क को लोगों की जानकारी के लिए नियंत्रण कक्षों, नोटिस बोर्डों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक शुल्क वसूलने पर सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि इसके अतिरिक्त सभी उपमंडलाधिकारी अपने क्षेत्र में परिवहन वाहनों एवं श्रमिकों की आवश्यकता का आकलन करे, यदि इस सन्दर्भ में आवश्यक हो तो अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय को सूचित किया जाये ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके।

लाइसेंस एवं पहचान पत्र होंगे जारी

उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन के दौरान सभी आढ़तियों को लाइसेंस जारी किये जाएंगे। उन्होंने कृषि एवं एपीएमसी को उचित सत्यापन कर ही लाइसेंस जारी करने को कहा ताकि बागवानों को धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि बिना लाइसेंस के कोई भी आढ़ती पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त वाहन चालकों एवं क्लीनरों के पहचान पत्र भी बनाये जाएंगे। पिक-अप 4 पहिया वाहन के लिए आई-कार्ड शुल्क/पंजीकरण शुल्क 200 रुपये, ट्रक 6 पहिया वाहन के लिए 500 रुपये और ट्राला 6 पहिया से अधिक वाहन के लिए 1000 रूपये निर्धारित है।

मंडियों का होगा नियमित निरीक्षण

उन्होंने सभी एसडीएम, उप निदेशक (बागवानी) और सचिव, एपीएमसी को सब्जी एवं फल मंडियों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान फल मंडियों में उचित सफाई, पर्याप्त पेयजल आपूर्ति और शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

इस वर्ष अधिक पैदावार का अनुमान

उपायुक्त ने कहा कि जिला शिमला में इस वर्ष गत वर्ष के मुकाबले अधिक पैदावार की उम्मीद है। गत वर्ष 1 करोड़ 62 लाख 56 हजार बॉक्स की पैदावार हुई थी, जिसमें 3 लाख 25 हजार 137 मीट्रिक टन की सेब पैदावार दर्ज की गयी थी, जो इस वर्ष अधिक होने का अनुमान है। सेब संग्रहण केन्द्र एमआईएस को एचपीएमसी द्वारा 15 जुलाई से क्रियाशील किया जाएगा। उन्होंने सेब की पेटियों, कार्टन अन्य पैकेजिंग सामग्री की दरें निर्धारित करने के लिए सभी प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि बक्सों एवं कार्टन की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था ) पंकज शर्मा सहित सभी उपमंडलाधिकारी एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Deepika Sharma

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