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शीतकालीन अवकाश का मुद्दा हर साल डॉक्टर्स के लिए बन रहा परेशानी

सरकार ने पहले ही शीतकालीन अवकाश के लिए मौखिक आश्वासन दिया है

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आईजीएमसी के कमरा नंबर 601 में आज स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज डॉक्टर्स (एसएएमडीसीओटी) द्वारा आयोजित आम सभा की बैठक (जीबीएम) में संकाय सदस्यों के लिए शीतकालीन अवकाश में देरी या न होने के मुद्दे पर चर्चा की गई। लगभग 150 डॉक्टर और संकाय सदस्य इसमें शामिल हुए और हर साल होने वाली देरी के कारण निराशा की भावना सबसे ज्यादा थी।

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कई डॉक्टरों ने कहा कि शीतकालीन अवकाश का मुद्दा हर साल की चिंता बन गया है, जिससे उन्हें अपनी छुट्टी पाने के लिए काफी ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। बीएससी, पीजी, नर्सिंग और एमबीबीएस कार्यक्रमों सहित विभिन्न विषयों के संकाय सदस्यों ने अपने कंधों पर भारी शिक्षण भार और आधिकारिक शीतकालीन अवकाश की आवश्यकता पर जोर दिया, जो पूर्व आश्वासनों के बावजूद अभी तक अनसुलझा है। गुस्सा देखने को मिला और कई डॉक्टरों ने एसएएमडीसीओटी से हड़ताल या सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेने की संभावना सहित एक मजबूत रुख अपनाने की वकालत की। जवाब में, एसएएमडीसीओटी के अध्यक्ष डॉ. बलबीर वर्मा ने उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले ही शीतकालीन अवकाश के लिए मौखिक आश्वासन दे दिया है। डॉ. वर्मा ने बताया कि एसएएमडीसीओटी सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और उस चर्चा के बाद वह संकाय को तदनुसार जानकारी देंगे।

Deepika Sharma

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