चेतावनी: माँगें न मानी तो परिवहन कर्मचारी देंगें धरना

हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति की बैठक अध्यक्ष श्री मान सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई जिसमें मुख्यलाहकार श्री समर चौहान, उपाध्यक्ष श्री खेम चन्द, सचिव श्री खेमेन्द्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री जगदीश चन्द एवम् सर्व श्री जिया लाल ठाकुर, मिलाप चन्द, पदम सिंह, बाल कृष्ण, हितेंद्र कंवर, गोपाल लाल, देवी चन्द, प्रेम सिंह, केशव वर्मा, ऋषि लाल, संजय बड़वाल, संजीव कुमार, पूर्ण चन्द, हरी कृष्ण, मनोज कुमार ने भाग लिया। बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों द्वारा चिन्तन कर रोष प्रकट किया गया कि निगम प्रबंधन संयुक्त समन्वय समिति के साथ बैठकें तो कर रहे हैं परन्तु कर्मचारियों की मांगों को टालमटोल कर लंबित किया जा रहा है। पूर्व की बैठकों में हुए समझौतों पर अमल न करना, सेवानिवृत कर्मचारियों के वित्तीय लाभ समय पर न देना, 55 महीनों का नाईट ओवर टाइम, नये वेतनमान का एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इंकैशमेंट, जीपीएफ, मेडीकल रिमवर्समेंट कई प्रकार के एरियर आदि कर्मचारियों के लगभग 1500 करोड़ रूपए की वित्तीय देनदारियाँ भुगतान के लिए देय है। जिससे कर्मचारी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। कर्मचारियों के वित्तीय बकाया राशी का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
वित्तीय मांगों के अतिरिक्त भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करना, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, परिचालकों की वेतनविसंगती दूर करना, निगम में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरना, पेंशन के लिए प्रदेश सरकार के बजट में प्रावधान करना, यात्री परिवहन का राष्ट्रीयकरण करना, निजी रूट परमिट देने पर पूर्ण रोक लगाना आदि अनेकों समस्याएं समाधान के इन्तजार में खड़ी है परन्तु निगम प्रबंधन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। जिस कारण कर्मचारियों में भारी रोष पनप रहा है।
अतः संयुक्त समन्वय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लम्बित मांगों को मनवाने के लिए संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के अंतर्गत परिवहन कर्मचारी दिनांक 14-10-2024 से प्रत्येक यूनिट में प्रतिदिन गेट मीटिंग करेंगे तथा 16-10-2024 को निगम मुख्यालय शिमला पर एक विशाल धरना देकर निगम प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट करेंगे। आंदोलनात्मक कार्यवाही को बाध्य करने की सारी जिम्मेवारी निगम प्रबंधन की होगी।




