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ख़ास ख़बर: प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को अगले सत्र से सिखाई जाएंगी लाइफ स्किल्सः राजेश

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प्रदेश के स्कूलों में 6 से 12 कक्षाओं के लिए लाइफ स्किल-माइंडफुलनेस पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला आज समग्र शिक्षा निदेशालय में संपन्न हो गई।

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समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने अंतिम दिन कार्यशाला में तैयार पाठ्यक्रम के प्रारूप की समीक्षा की और इस बारे में निर्देश दिए।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल के स्कूलों में अगले सत्र से जीवन कौशल यानी लाइफ स्किल बच्चों को सिखाई जाएंगी। इस कार्यशाला में जीवन कौशलों को स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाने के तौर तरीकों को अंतिम रूप जा रहा है। उन्होंने भारती फाउंडेशन के ट्रेनरों, डाइटों के मनोविज्ञान एवं विषय विशेषज्ञों, समग्र शिक्षा निदेशालय के कोर्निटेरों से मॉड्यूलस को संबंधित कक्षाओं के विषयों में शामिल करने का एक पूरा खाका तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें इन माडल्यूलस की 6वीं से 12वीं कक्षाओँ के विषयों के साथ मैपिंग हो ताकि इनको सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि मॉड्यूलस को इस तरह से पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए कि ये बेहद सरल और रूचिकर हों, इससे बच्चे आसानी से इन्हें सीख सकेंगे।

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समग्र शिक्षा निदेशक ने जीवन कौशल का शिक्षा में शामिल करने के महत्व पर कहा कि प्राचीन समय में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का ये अहम हिस्सा हुआ करती थे, हालांकि समय के साथ यह समाप्त हो गए। अब इनकी अहमियत देखते हुए इन्हें फिर से स्कूली शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। यही वजह है कि हिमाचल में समग्र शिक्षा ने इन जीवन कौशलों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए यह दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। ख़ास ख़बर: प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को अगले सत्र से सिखाई जाएंगी लाइफ स्किल्सः राजेश

राजेश शर्मा ने जीवन कौशल को पाठ्यक्रमों लागू करने में आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए इनका व्यावहारिक हल खोजने पर भी बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे इसका एक ऐसा मॉडल तैयार करें, जिसमें इन्हें लागू करने की एक स्पष्ट रूप रेखा हो। इससे इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बनाकर इसको शिक्षण कार्यों के साथ लिंक किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस पहल को लागू किया करने के लिए समग्र शिक्षा पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए शिक्षकों की ट्रैनिंग भी कराई जा सकती है। भारती फाउंडेशन की मदद से इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे हैं जो आगे शिक्षकों को इसका प्रशिक्षण देंगे।

इस कार्यशाला में स्टेट कोऑर्डिनेटर स्टार्स (STARS)प्रोजेक्ट सुरेन्द्र रांगटा, समग्र शिक्षा के विभिन्न स्टेट कोऑर्डिनेटर, भारती एयरटेल फाउंडेशन की ओर से ट्रेनिंग हैड वीना त्यागी और स्टेट कोऑर्डिनेटर ब्रजेश भारद्वाज, वेगा शर्मा, आशीष शर्मा, हीरा पाठक, मनदीप भाटिया, संदीप गुप्ता विशेष तौर विशेष तौर पर शामिल रहे।

Deepika Sharma

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