स्वास्थ्य

मरीज़ के लिए डॉक्टर का इंतज़ार होगा कम,होगी चिकित्सकों की नियुक्ति

चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएंः मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया।
मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजांे ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। श्री सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Deepika Sharma

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