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पलटवार: शादी पर शगुन के तौर पर दी जा रही राशि नहीं हुई बंद, आरोप निराधार

स्वास्थ्य एवम् न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल द्वारा 18 जुलाई, 2024 को शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य

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स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रभावी नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल का सर्र्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रही है। समाज के कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों, विशेष तौर पर महिला एवं बच्चों को, विशेष अधिमान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिला कल्याण की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और इन प्रयासों के परिणाम जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर तथा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के लोगों को भ्रमित करने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जय राम ठाकुर ने बेटियों की शादी के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही शगुन योजना पर टिप्पणी की है और आधारहीन दावा किया है कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत बेटियों को शादी पर शगुन के तौर पर दी जा रही राशि को प्रदान करना बंद कर दिया है जिस कारण हर जिले में सैंकड़ों आवेदन लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप निराधार और सरासर झूठ है और बताया कि प्रदेश सरकार ने शगुन योजना के तहत वित्त वर्ष 2023-2024 में 18.95 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया था जिसमें से 14.45 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इस धनराशि से प्रदेश की कुल 4,662 बेटियां लाभान्वित हुई हैं। इस योजना के तहत बेटियों को विवाह पर सरकार द्वारा 31 हजार रुपये शगुन के रूप में दिए जाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में शगुन योजना के अंतर्गत 30.40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 करोड़ रुपये अधिक है। लोकसभा चुनाव तथा विधानसभा उप-चुनावों के दृष्टिगत प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण पिछले कुछ माह से इस योजना के लाभ बेटियों को नहीं मिल रहे थे। चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब शगुन योजना का लाभ मिलना आरम्भ हो गया है और प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 20.17 करोड़ रुपये की धनराशि सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लाभार्थियों को आवंटित करने के लिए जारी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं जिससे महिलाएं स्वावलम्बी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना महिला सुख-सम्मान निधि योजना प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला को 1500 रुपये प्रतिमाह यानि 18,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ की गई है। इस योजना का लाभ प्रदेश की लगभग 2,85,000 महिलाओं को मिलना आरंभ भी हो चुका है।
प्रदेश सरकार लगभग 8,24,000 वृद्ध महिलाओं, विधवाओं, एकल नारियों पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लगभग 1,330 करोड़ रुपये सालाना व्यय कर रही है।

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Deepika Sharma

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