शिक्षा

ख़ास खबर: वर्ष 2024-25 में 850 शिक्षण संस्थानों को इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा

शैक्षणिक गुणवत्ता से उज्ज्वल हो रहा बच्चों का भविष्य

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डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना से साकार हो रहे बच्चों के सपने

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ज्ञान और अनुसंधान के इस युग में हर बच्चे का जीवन ज्ञान से प्रकाशित हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नवोन्मेषी कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर, उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर महाविद्यालय स्तर तक शिक्षा के विभिन्न गुणात्मक आयामों के सुधार के लिए नवीन कदम उठाए गए हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में वर्ष 2024-25 में 850 शिक्षण संस्थानों को इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, इसमें 500 प्राईमरी, 100 हाई, 200 सीनियर सकैण्डरी स्कूल और 50 डिग्री कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में अध्यापकों के सभी स्वीकृत पदों को भरने के साथ-साथ स्मार्ट कक्षाओं सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
हिमाचल के बच्चे धन के अभाव में उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहें इसके लिए प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत 28 वर्ष से कम आयु के पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर से बैंकों से 20 लाख रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। ऋण के अंतर्गत भोजन, आवास, ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के व्यय शामिल हैं। योजना के अंतर्गत पात्र हिमाचली विद्यार्थी मेडिकल, पैरा-मेडिकल, फॉर्मेसी, नर्सिंग, विधि, आई.टी.आई एवं पॉलीटेक्नीक के तकनीकी पाठ्यक्रम तथा विश्वविद्यालयों से पीएचडी करने के लिए शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदनकर्त्ता के पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए और सालाना पारिवारिक आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। योजना के लाभ शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 01 अपै्रल, 2023 से आरम्भ कर दिए गए हैं। शैक्षणिक ऋण यदि 01 अपै्रल, 2023 के बाद भी स्वीकृत हुआ हो तो वह विद्यार्थी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
योजना के अंतर्गत पात्र छात्र उच्च शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट https://education.hp.gov.in     पर जाकर नोटिस बोर्ड से योजना दिशानिर्देश और आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। फार्म भरने, जांच करने के बाद, आवेदक को दस्तावेज को स्कैन करना होगा और edurindhesml2023@gmail.com     के माध्यम से उच्च शिक्षा निदेशालय में जमा करवाना होगा। निदेशालय दो कार्य दिवसों के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा और आवेदक, उपायुक्त और संबंधित बैंक को ई-मेल भेजेगा तथा यदि आवेदक ने कॉर्पस फंड का विकल्प चुना है, तो संबंधित उपायुक्त उस संस्थान के बैंक खाते में 24 घंटे के भीतर कॉर्पस फंड से पहली किस्त जारी करेगा, जहां आवेदक प्रवेश चाहता है।
प्रदेश सरकार द्वारा मूलभूत साक्षरता, संख्या ज्ञान से लेकर कृत्रिम मेधा का प्रयोग कर, हर कौशल में बच्चों को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

Deepika Sharma

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