
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भले ही प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली की गारंटी को पूरा करने का दावा कर रहे है लेकिन असल में पुरानी पेंशन अभी भी बिजली बोर्ड में लागू नहीं हो पाई है ।
जब तक पूरे प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पेंशन लागू नहीं होती है तब तक पुरानी पेंशन की गारंटी पूरी करने का दावा गलत है ।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों के लिए सरकार के 14 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर मुख्यमंत्री के बार बार घोषणा के उपरांत व मुख्यमंत्री द्वारा बिजली बोर्ड ज्वाइंट फ्रंट को वार्ता के दौरान दिए आश्वासन के बाद भी बिजली बोर्ड में अभी तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री कह रहे है की कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी है और प्रदेश के विकास की गाथा लिखने वाले कर्मचारियों के लिए उन्होंने पुरानी पेंशन लागू की है तो क्या बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने प्रदेश के विकास में कार्य नहीं किया है प्रदेश में घर घर बिजली पहुंचाने वाले बोर्ड को घाटे में दिखाकर पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही है यही एक बोर्ड है जो बिजली से आय प्राप्त कर रहा है । बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं ज्वाइंट फ्रंट के सह संयोजक लक्ष्मण कपटा ने कहा है की फ्रंट को मुख्यमंत्री द्वारा फरवरी माह में बिजली बोर्ड में पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया गया था परंतु मार्च महीने का एक सप्ताह बीत जाने पर भी अधिसूचना अभी तक नहीं हो पाई है । इसके अलावा लक्ष्मण कपटा ने कहा है की बिजली बोर्ड में फील्ड तकनीकी कर्मचारियों में SSA से JE,
लाइनमैन से फोरमैन एवं जेनरेशन विंग में हेल्पर और फिटर प्रमोशन की फाइल पिछले 4 महीनो से सरकार के पास धूल फांक रही है जबकि दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारियों एवं इंजीनियर्स के प्रमोशन ऑर्डर्स समय समय पर हो रहे है ।
बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में स्टाफ की भारी कमी के बावजूद भी 28 लाख उपभोक्ताओं को 24*7 पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से विद्युत सप्लाई को बहाल करने में लगा है लेकिन इसके बावजूद भी सिर्फ बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ही पेंशन से वंचित रखा गया हैं। भारी बरसात हो या बर्फ या गर्म इलाकों की तपती गर्मी तकनीकी कर्मचारी जान की परवाह किए बिना दिन रात काम कर रहे है उसके बावजूद भी न तो उनकी प्रमोशन समय पर हो रही है और उनको ही पुरानी पेंशन से भी वंचित रखा गया है ये अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है और बोर्ड के कर्मचारी सरकार के इस सौतेले व्यवहार से नाखुश हैं । तकनीकी कर्मचारी संघ सरकार से मांग करता है की आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले प्रदेश सरकार बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना जारी करें अन्यथा आने वाले समय में इस अनदेखी के गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने पड़ेंगे

