संस्कृति

असर विशेष: राष्ट्रीय पुस्तक मेला शिमला में पर दोनों अहम विभाग नदारद

भाषा विभाग और अकादमी की दिलचस्पी दिखाई दी कम

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शिमला राष्ट्रीय पुस्तक मेला 24 जून से 2 जुलाई, 2023 तक गेयटी थियेटर में ओकार्ड इंडिया दिल्ली (ओजस सैंटर फॉर आर्ट एण्ड रीडरशिप डवैल्पमैंट) शिमला नगर निगम के सहयोग से शिमला राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन 24 जून से 2 जुलाई, 2023 तक कर रहा है। शिमला में यह छठा पुस्तक मेला है जिसका उद्घाटन  मुख्यमंत्री  सुखविन्द्र सिंह सुक्खू 24 जून, 2023 को सांय 5.30 बजे करेंगे।

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लेकिन हैरानी है कि इस कार्यक्रम में भाषा विभाग और भाषा अकादमी नदारद दिखें। जानकारी मिली है कि कार्यक्रम में संबंधित विभागों का कोई पुस्तक स्टॉल भी नहीं लगेगा। भले में इस कार्यक्रम में

उनके साथ नगर निगम शिमला के महापौर  सुरेन्द्र चौहान  भी उपस्थित रहेंगे। लेकिन सरकार के ये अहम विभाग ही इस कार्यक्रम में नदारद दिखें।

ओकार्ड इंडिया के संयोजक सचिन चौधरी ने जो प्रकाशकों की लिस्ट मीडिया से साझा की उसमें भाषा विभाग और हिमाचल अकादमी के नाम नहीं थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि विभाग ने पुस्तक मेले में भाग लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जानकारी मिली है कि कार्यक्रम में संबंधित विभागों का कोई पुस्तक स्टॉल भी नहीं लगेगा जो कई प्रश्न खड़े करता है। विभाग के बजाए यह मेला 

शिमला निगम शिमला के सहयोग से किया जाना बड़ी बात है। गौर हो कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जो मैनिफेस्टो जारी किया था उसमें प्रमुखता से यह बात कही गई है कि शिमला में हर साल पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक मेले में देश के विभिन्न भागों से प्रकाशक भाग ले रहे हैं जिनमें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास(एनबीटी), राज कमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, राधाकृष्ण प्रकाशन, लोक भारती प्रकाशन, किताबघर प्रकाशन, राजपाल एण्ड सन्स, आधार प्रकाशन प्रा0 लि0, सस्ता साहित्य मंडल, भारत सरकार का प्रकाशन विभाग, निखिल प्रकाशन, बिंब प्रतिबिंब प्रकाशन, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, भारतीय कला प्रशासन, पदम बुक कम्पनी, शिवांगी प्रकाशन, जीनियस हाइव पब्लिकेशन आदि शामिल है। यह जानकारी ओकार्ड इंडिया के संयोजक सचिन चौधरी ने आज शिमला में आयोजित प्रैस वार्ता के दौरान दी।

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उन्होंने कहा कि ओकार्ड इंडिया दिल्ली (ओजस सैंटर फॉर आर्ट एण्ड रीडरशिप डवैल्पमैंट) देश की ऐसी अगणी संस्था है जो पुस्तक संस्कृति के प्रचार व प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है। इस दृष्टि से ओकार्ड इंडिया देश के विभिन्न हिस्सों में पुस्तक मेले और साहित्यिक आयोजन करती आई है। ओकार्ड का मूल उद्धेश्य पाठकों विशेषकर युवाओं को साहित्य की और प्रवृत्त करना है। सचिन चौधरी ने आशा जाहिर की कि शिमला क्षेत्र के स्कूल, कोलेज और विश्वविद्यालय के अध्यापक, प्रध्यापक और छात्र इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले का भरपूर आनंद लेंगे और पुस्तकें खरीद कर पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देंगे। उन्होंने प्रदेश के शिक्षा विभाग और अन्य कार्यालयों से भी अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक शरीक होकर पुस्तक मेले की सफलता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि पुस्तक खरीद पर पाठकों को 10 प्रतिशत छूट भी दी जा रही है। 

उन्होंने बताया कि इस पुस्तक मेले में हम कई साहित्यिक आयोजन भी कर रहे हैं। जिनमें ओकार्ड साहित्य सम्मान 25 जून, 2023 को, कवि गोष्ठी 29 जून, 2023 और जे.एन.यू. के विद्वानो के साथ इतिहास लेखन पर 1 और 2 जुलाई को संगोष्ठी शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रकाशक भी अपने अपने लेखकों की पुस्तकों पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

 सचिन चौधरी ने बताया कि ओकार्ड संस्था नगर निगम शिमला के साथ मिलकर यह पुस्तक मेला आयोजित कर रही है। पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है जिसके लिए सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह,  मुख्य मन्त्री  सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, नगर निगम के महापौर  सुरेन्द्र चौहान और आयुक्त नगर निगम  कोहली जी की ओकार्ड संस्था बहुत बहुत आभारी हैं।      

 

Deepika Sharma

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