खास खबर: राजनीतिक फ़ैसलों के कार्यन्वयन व धरातल तक पहुंचाने में देरी का आरोप
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बिजली बोर्ड प्रवंधन वर्ग पर प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारी हित मे लिए गए राजनीतिक फ़ैसलों के कार्यन्वयन व धरातल तक पहुंचाने में देरी का आरोप लगाया है।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करना प्रदेश सरकार का कर्मचारी हित मे लिया गया एक राजनीतिक फैसला है इसमें अफसरशाही द्वारा अगर और लेकिन करना न तो प्रदेश सरकार चाहेगी और न ही यह कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप है।
उन्होंने कहा जिन प्रदेश के सरकारी उपक्रमों में वर्ष 2003 से पहले पेंशन रुल 1972 थे और उसके बाद के कर्मचारी नई पेन्शन प्रणाली में NSDL(नेशनल सेक्युरिटी डिपोजिटरी लिमिटेड) में नई पेंशन शेयर को जमा कर रहे है, उन सब उपक्रमों के कर्मचारी प्रदेश सरकार की पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना में अन्तनिर्हित है।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व हिमाचल पथ परिवहन निगम ऐसे राज्य सरकारी उपक्रम है जहां पेंशन रुल 1972 पहले से लागू है और वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारी पुरानी पेंशन के हकदार है। लेकिन दोनों निगमों के प्रवंधन वर्ग में सरकार के इस बारे जारी आदेश की अवहेलना करते हुए कर्मचारियों के वेतन से न्यू पेन्शन शेयर की कटौती करी है जबकि प्रदेश सरकार ने यह इस माह से बंद कर दी है।
उन्होंने कहा बिजली बोर्ड में वर्ष 2003 के बाद नियुक्त हुए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 9000 कर्मचारी प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से लाभान्वित होंगे लेकिन बिजली बोर्ड के प्रवंधक वर्ग द्वारा इसके लागू करने मे की जा रही देरी से कर्मचारियों में अभी संशय बना है।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बोर्ड प्रवंधन से मांग की है कि अप्रैल माह के कर्मचारियों के वेतन से कटा गया न्यू पेंशन शेयर को आगे NSDL में जमा न किया जाए और बिजली बोर्ड़ में भी शीघ्र पुरानी पेंशन की अधिसूचना जारी कर कर्मचारियों से प्रदेश सरकार की तर्ज पर ऑप्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए।


