शिक्षा

खास खबर: टर्म एग्जाम व्यवस्था को सीबीएसई की तर्ज पर खत्म करते हुए वार्षिक प्रणाली शुरू की जाए

शिक्षा बोर्ड के साथ राजकीय अध्यापक संघ ने की चर्चा

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स्कूली शिक्षा में प्रदेश भर में गुणवत्ता व एकरूपता बनाये रखने हेतु प्रतिबद्ध हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष एवं जिलाधीश कांगड़ा निपुण जिंदल तथा शिक्षा बोर्ड सचिव विशाल शर्मा के साथ आवश्यक बैठक हुई।

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इस बैठक में राज्य अध्यक्ष विरेंदर चौहान ने शिक्षा, शिक्षक व बच्चों से जुड़े 29 सूत्रीय एजेंडे पर क्रमवार बोर्ड मण्डल के सामने रखा। सर्वप्रथम संघ द्वारा राज्य भर से राजधानी शिमला शिक्षा सम्बन्धी कार्यों के लिए आने हेतु शिक्षक भवन निर्माण की मांग को रखा जिस पर बोर्ड अध्यक्ष द्वारा पूर्ण विचार विमर्श कर शीघ्र शिमला में 6 कनाल में भव्य बहुमन्जिला भवन बनाने को स्वीकृति प्रदान की। इस पर बैठक में मौजूद लगभग 150 संघ पदाधिकारियों में खुशी से धन्यवाद व्यक्त किया गया। संघ द्वारा मांग की गई कि प्रदेश में परीक्षाओं को शीतकालीन इलाकों में दिसम्बर व ग्रीष्मकालीन क्षेत्रों में मार्च माह सुनिशित किया जाए। साथ ही टर्म एग्जाम व्यवस्था को सीबीएसई की तर्ज पर खत्म करते हुए वार्षिक प्रणाली शुरू की जाए। साथ ही दसवीं व बाहरवी की कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं को एक्सटर्नल किया जाए। बोर्ड में सभी तरह के विषयों के विशेषज्ञ नियुक्त किये जायें ताकि भविष्य में परीक्षाओं व प्रश्नपत्र व पाठ्यक्रम सम्बन्धी त्रुटियां न हों। परीक्षाओं में सभी प्रश्न केवल एनसीईआरटी पुस्तकों से ही पूछे जाएं। वैयाकरणिक ज्ञान व्रद्धि हेतु भाषा विषयों में व्याकरण के प्रश्न 15 की बजाए 20 अंकों का दल जाए। कक्षा पांचवी व आठवी की परीक्षाएं भी पूर्णतया बोर्ड द्वारा ही संचालित की जाएं। इन सब मांगो को बोर्ड प्रबन्धन द्वारा मां लिया गया व बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षकों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न तरह की ड्यूटियों के लिए दिए जाने वाले मानदेय में में व्रद्धि की मांग की गई। श्री चौहान दवेसर शिक्षकों की इस मांग को प्रमुखता से रखते हुए प्रबन्धन ने मौके पर ही इन दरों को बढ़ा दिया।पेपर चेकिंग में दसवीं ओर बाहरवी के लिए क्रमश 9.50 व 11.50 रुपये बढाया गया। इसी तरह सुपरिडेंट, डिप्टी सुपेरिडेंटके मानदेय में 10 रुपये, पेपर सिटींग प्लान व क्लास फोर के मानदेय में भी व्रद्धि की गई। संघ ने इस व्रद्धि को ऐतिहासिक बताया। यही नही, इस मानदेय सम्बन्धित अध्यपको के खाते में त्वरित आबंटन की मांग की गई जिस पर बोर्ड प्रबन्धन ने इस हेतु यथाशीघ्र साइट बना कर निर्धारित समय मे मेहनताना देने हेतु एक्शन लिया। शिक्षक संघ की चिरकाल से लाम्बित मांगो में प्रश्न पत्र संग्रह व उत्तर पुस्तिका जमा करवाने हेतु केंद्र व्यवहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रख कर बनाने की मांग की जिस पर पतबन्धन ने उचित ठहराते हुए इसे न द स्पॉट ही हल करते हुए शिक्षकों को बहुत बड़ी राहत दी। एक ओर मांग में जिला से बाहर तैनात शिक्षकों को अंतरजिला परीक्षा ड्यूटी में इच्छित स्थान पर तैनाती की तैनाती की व्यवस्था की मांग की जिस को मान लिया गया। स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम सर लगे अध्यपको को प्रेरीक्षा ड्यूटी हेतु पत्र माना जाए, जिस पर सहमति व्यक्त करते हुए ऐसे अध्यपको को इसी सत्र से परीक्षाओं में लगाया जाएगा। उधर राज्य प्रेस सचिव संजय चौधरी ने बताया कि ऐसी मांगे शिक्षक व शिक्षा हित मे सभी प्रकार के वर्गों के शिक्षकों के लिए लाभदायक रहेंगी साथ ही शिक्षा गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। अन्य मांगों में एसओएस परीक्षाओं में भी सख्ती तथा कैमरों के संचालन सुनिश्चित करने की मांग की गई जिसे मैं लिया गया। इस बैठक में राज्य अध्यक्ष विरेंदर चौह सहित संघ के राज्य चेयरमैन सचिन जसवाल, महासचिव मनोज कुमार शर्मा, चीफ पैटर्न अरुण गुलेरिया, वित्त सचिव सुनील शर्मा, नवीन भंडारी, कुलदीप शर्मा, तिलक नायक, हरि प्रसाद, डाक्टरर किशोरी लाल, राजेश गौतम, राकेश संधू, वीरभद्र नेगी, रणधीर राणा, हरि प्रसाद, रमेश भारती शांति स्वरूप, आदि शामिल रहे।

Deepika Sharma

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