संस्कृति

….. आज फिर याद आए मनोहर

No Slide Found In Slider.

हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला के तत्वाधान में अकादमी के सचिव डा. कर्म सिंह व साहित्य कला संजीवीवाद के सम्पादक हितेन्द्र शर्मा के संयोजन में हिमाचल अकादमी के 326वें लाईव कार्यक्रम के तहत मनोहर सिंह राज्य स्तरीय जयंती समारोह के दौरान 12 अप्रैल 1938 को तत्कालीन क्यूठल रियासत और वर्तमान में शिमला की कुसुम्पटी तहसील के क्वारा गांव में बुद्धि सिंह के पुत्र रूप में जन्में प्रख्यात् रंगकर्मी मनोहर सिंह के सम्बन्ध में कई महान कलाकारों ने वर्चुअल अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान साहित्य कला संवाद के सम्पादक हितेन्द्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत वीडियो रिकाॅडिंग में मनोहर सिंह के अनछुए पहलुओं को उजागर करना नवयुवकों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

 

सांय सात बजे आरम्भ हुए मनोहर सिंह राज्य स्तरीय जयंती समारोह कार्यक्रम का संचालन दक्षा शर्मा ने किया था। इसमें रंगकर्मी मनोहर सिंह के सहकलाकार युवराज शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल अकादमी के 326वें लाईव कार्यक्रम ने कई नामचीन कलाकारों को एक साथ मंच साझा करने का अवसर प्रदान किया है, इससे थियेटर के क्षेत्र में आने वाले नवान्तुक युवक-युवतियों प्रेरणा प्राप्त होगी। युवराज शर्मा ने बताया कि मनोहर सिंह ने बहुत से लोगों को एक्टिंग की एबीसीडी सिखायी है। कार्यक्रम के दौरान रानी बलबीर कौर ने मनोहर सिंह को सैन्य अनुशासन वाला प्रतिबद्ध रंगकर्मी व रंगमंच का पुरोधा बताया।

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

 रघुवीर यादव ने मनोहर सिंह को अद्वित्य शक्ति संपन्न मंच पर कुलांचे भरने वाले सिंह की संज्ञा दी।मनोहर सिंह की पुत्री रचना कंवर ने पिता के व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं तथा अनुभवों के संबंध में विचार साझा किए।

 व

 हिमानी शिवपुरी ने मनोहर सिंह को करिश्माई अभिनेता और रंगमंच पर विस्तृत जीवन जीने वाला व्यक्तित्व बताया उन्हों कहा की कार्यक्रम के दौरान विभिन्न लोगों द्वारा मनोहर भाई के बारे में सुनाये गये प्रेरक प्रसंग निश्चित ही रंगमंच में रूचि रखने वालों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

 

कार्यक्रम में जहां लोगों को हिमाचल गौरव सम्मान प्राप्त रंगमंच के तुगलक मनोहर सिंह के बारे में रोचक जानकारी प्राप्त हुई, वहीं रंगमंच में रूचि रखने वालों को नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा, शिमला के गयेटी थियेटर, हिमाचल हिल्स ड्राॅमेटीक क्लब आदि के बारे में जानकारी हासिल हुई। 2 मई 2020 से हर रोज सांय सात बजे आयोजित होने वाले इस तरह के लाइव प्रसारण में अनेकों साहित्यकारों, कलाकारों सहित नामी-गिरामी हस्तियों से लोग रूबरू हुए हैं, इससे हिमाचल संस्कृति को जानने का अवसर तो मिला ही है, साथ ही हिमाचली संस्कृति के प्रसार-प्रचार में भी ये कार्यक्रम बेहद कारगर साबित हो रहा हैं। इस तरह के कार्यक्रम निश्चित रूप से जहां लोक संस्कृति को जीवंत रखने में सहायक होते हैं, वहीं ये कार्यक्रम नवयुवकों व नवयुवतियों के लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य भी बखूबी करते रहे हैं

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close