आईजीएमसी में चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

हिमाचल सरकार और अमेरिकी विश्वविद्यालय के बीच हुए एमओयू से मजबूत होगा शैक्षणिक एवं शोध सहयोग, 30 चिकित्सक ले रहे कार्यशाला में भाग
शिमला, 3 नवंबर। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने और चिकित्सकों की शोध क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू), आईजीएमसी की ओर से अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय कॉलेज ऑफ मेडिसिन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में आईजीएमसी के विभिन्न विभागों के 30 फैकल्टी सदस्य भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला के पहले दिन यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय कॉलेज ऑफ मेडिसिन के रीजनल डीन ने आईजीएमसी के चिकित्सकों और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। अमेरिका से आए विश्वविद्यालय के तीन वरिष्ठ प्रोफेसर प्रतिभागियों को शोध की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
कार्यशाला में शोध के लिए सही सवाल तैयार करने, स्टडी डिजाइन, बायोस्टैटिस्टिक्स, रिसर्च ग्रांट हासिल करने, वैज्ञानिक लेखन और शोध पत्रों के प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही चिकित्सकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शोध प्रस्ताव तैयार कर सकें।
आईजीएमसी की प्रधानाचार्य एवं एमआरयू की चेयरपर्सन प्रो. डॉ. सीता ठाकुर ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अनुसंधान बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हुए इस सहयोग से प्रदेश के चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा और साक्ष्य आधारित चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने संस्थान में शोध संस्कृति को मजबूत करने के लिए एमआरयू के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार का स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) वर्ष 2013 से आईजीएमसी में स्थापित एमआरयू के माध्यम से शोध गतिविधियों को सहयोग दे रहा है। वर्तमान में आईजीएमसी में एमआरयू द्वारा वित्तपोषित 11 शोध परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का चयन पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, आईसीएमआर और आईजीएमसी शिमला के वरिष्ठ शिक्षकों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा योग्यता के आधार पर किया जाता है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार और यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत अमेरिकी विशेषज्ञ हिमाचल के दौरे पर हैं। इस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से भविष्य में संयुक्त शोध परियोजनाओं, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के आदान-प्रदान और युवा शोधकर्ताओं के लिए उन्नत प्रशिक्षण के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में चिकित्सा अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।



