IGMC शिमला में देशभर के त्वचा रोग विशेषज्ञों का महाकुंभ, CODFICON-2026 में 100 से अधिक विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा

शिमला, 2 नवंबर। रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले साबुन, कॉस्मेटिक्स, रसायन और अन्य उत्पाद भी त्वचा के लिए एलर्जी का कारण बन सकते हैं। त्वचा से जुड़ी ऐसी ही एलर्जी संबंधी समस्याओं पर मंथन करने के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में CODFICON-2026 का आयोजन किया गया। कॉन्टैक्ट एंड ऑक्यूपेशनल डर्मेटाइटिस पर आयोजित 16वें राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में देशभर से 100 से अधिक नामी त्वचा रोग विशेषज्ञों, प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

आईजीएमसी के त्वचा रोग विभाग की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में AIIMS दिल्ली, जोधपुर और ऋषिकेश, PGIMER चंडीगढ़ सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और शोध साझा किए। सम्मेलन में त्वचा की एलर्जी, उसके कारणों, समय रहते पहचान, पैच टेस्टिंग और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन का आयोजन त्वचा रोग विभाग के अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. जी.के. वर्मा के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने आयोजन सचिव की भूमिका निभाई।
दो वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण त्वचा एलर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान रहा। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. शर्मा (IGMC शिमला एवं डॉ. आरपीजीएमसी टांडा) और AIIMS दिल्ली के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. शर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
IGMC के डॉ. बिरसुखमन सिंह ने चमकाया संस्थान का नाम
सम्मेलन की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बेस्ट ओरिजिनल रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन में IGMC शिमला के डॉ. (मेजर) बिरसुखमन सिंह ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। उनका शोध हाथों में होने वाले डर्मेटाइटिस और घरेलू एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों की पहचान में पैच टेस्टिंग की भूमिका पर आधारित था।
ई-पोस्टर प्रतियोगिता में IGMC की डॉ. मनिका परिहार ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं CODFICON क्विज प्रतियोगिता में PGIMER चंडीगढ़ की टीम विजेता रही, जबकि GMCH चंडीगढ़ के विद्यार्थियों ने दूसरा स्थान हासिल किया।
सम्मेलन का सफल आयोजन आयोजन समिति, फैकल्टी सदस्यों, पीजी विद्यार्थियों और सहयोगी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन ने न केवल चिकित्सा विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने का मंच दिया, बल्कि त्वचा एलर्जी के बेहतर निदान और उपचार की दिशा में नए विचारों को भी सामने रखा।


