नौकरियां देने के बजाय प्रदेशवासियों को जुए की लत लगवाना चाह रही है सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को जुए की किस्मत के भरोसे छोड़ने के बजाय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर दें
*शिमला :* भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा विधायक दल ने सरकार को चिट्टा बिकवाने, लॉटरी और जुआ खिलवाने का काम बंद करके प्रदेशवासियों को रोजगार देने की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कितने शर्म की बात है कि सुक्खू सरकार आय बढ़ाने के नाम पर प्रदेश में लॉटरी जैसी बुराई को विधिक मान्यता दे रहे हैं। पहले भी प्रदेश में लॉटरी होती थी लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा उसे बंद किया गया। यह स्थिति इसलिये आई क्योंकि परिवार के परिवार तबाह हो रहे थे। लोग इसकी लत का शिकार हो रहे थे, जमीनें बिक रही थी, जेवर बिक रहे थे। लोगों की तनख्वाह लॉटरी में जा रही थी। प्रदेश की आय बढ़ाने के नाम पर इस तरीके की बुराई का सरकार द्वारा महिमा मंडन करना दुर्भाग्य की बात है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि लॉटरी किस्मत की बात है। तो मेहरबानी करके प्रदेशवासियों को किस्मत के भरोसे ना छोड़े और लॉटरी की बुराई को अविलंब वापस ले। प्रदेशवासियों को जुआ और लॉटरी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। प्रदेशवासियों को नौकरी चाहिए, स्वरोजगार के अवसर चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री रोजगार और स्वरोजगार की अवसर देने में पूरी तरीके से नाकाम साबित हुए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन से लेकर सड़क तक, सरकारी मंचों से लेकर जनसभा तक, हर जगह झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करके मुख्यमंत्री ने अपना समय भले काट लिया लेकिन अब उन्हें जवाब देना होगा। अब उनके पास भागने की गुंजाइश नहीं है। प्रदेश के लोग सड़कों पर हैं, भारतीय जनता पार्टी भी हर प्रदेश पार्टी के साथ है, उन्हें जवाब देना होगा। प्रदेश के युवाओं को रोजगार चाहिए, स्वावलंबन जैसी आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाएं चाहिए, जरूरतमंदों को सहारा जैसी योजनाएं चाहिए, बेटियों को शगुन और कन्यादान जैसी योजनाएं चाहिए। इसलिए मुख्यमंत्री जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम करें, प्रदेश को लॉटरी के दलदल में न धकेले।
90% सहारा पेंशन धारकों को अपात्र घोषित करके पाप कर रही है सरकार
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार के समय 37000 से ज्यादा लोगों को सहारा पेंशन मिलती थी। सरकार ने 90% से ज्यादा लोगों को पेंशन के लिए अपात्र घोषित कर दिया। जिसमें से ज्यादातर लोगों को सरकार ने मृत घोषित किया है। आए दिन हमें ऐसे लोग मिलते हैं जो बताते हैं कि उनकी पेंशन रोकने के लिए सरकार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। यू लव बिस्तर पर हैं, पूरी तरीके से अशक्त हैं, अपना दैनिक कार्य भी बिना मदद के नहीं कर सकते हैं, उन लोगों के साथ सुख सरकार का यह रवैया बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना सरकार का काम है लेकिन यह दुखद है कि सरकार इस मामले में पूर्णतया नाकाम है। सहारा जैसी पेंशन रुकना, पात्र लोगों को अपात्र करना पाप है जिसकी कोई माफी नहीं हो सकती।
प्रदेश के इकलौते मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग की प्रमुख जांचें बंद
प्रदेश के इकलौते मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल अटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल चमियाना में इकोकार्डियोग्राफी समेत हृदय रोग से संबंधित प्रमुख जांचें बंद होना प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खोलता है। अस्पताल में हृदय रोग की जांच करने वाले इकलौते स्टाफ को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेजकर सरकार ने अपनी व्यवस्था परिवर्तन की नाकामी और विवेकहीनता का परिचय दिया है। प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं और आवश्यक जांचें बंद होना सरकार के निकम्मेपन, संवेदनहीनता और व्यवस्था के पतन का प्रमाणपत्र है। सरकार को बताना चाहिए कि जब चमियाना अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाला स्टाफ ही नहीं रहेगा तो प्रदेश के मरीजों को इलाज और जांच के लिए कहां जाना पड़ेगा। सरकार को तत्काल इस निर्णय को वापस लेकर अस्पताल में सभी आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और जांचें बहाल करनी चाहिए।



