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पदोन्नति में देरी पर बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का रोष, 10 दिन का अल्टीमेटम

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शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों में संशोधन के बाद तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति में आ रही रुकावट को लेकर बोर्ड प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। संघ ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त 2023 को R&P नियमों में संशोधन के बाद से नॉन-आईटीआई कर्मचारियों की पदोन्नति लगभग ठप पड़ी है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

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संघ के प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर और महासचिव चमन लाल शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वर्ष 2023 से लगातार बिजली बोर्ड प्रबंधन और प्रदेश सरकार से आग्रह किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने अब बोर्ड प्रबंधन को 10 दिन का नोटिस दिया है। निर्धारित अवधि में कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो तकनीकी कर्मचारी कार्य करते हुए काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघ ने कहा कि बरसात के मौसम और प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने कार्य प्रभावित न करने का निर्णय लिया है। विरोध के दौरान कर्मचारी अपने नियमित कार्य करते रहेंगे।

तकनीकी कर्मचारी संघ ने मांग की है कि 26 अगस्त 2023 के R&P नियमों के अनुसार पदोन्नति कोटे का नए सिरे से निर्धारण कर उसे अलग-अलग वर्गों में सेग्रिगेट किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को उनका पदोन्नति अधिकार मिल सके। इसके अलावा विभिन्न विद्युत मंडलों, सर्किलों और जोनों में खाली पड़े पदों पर भी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति देने की मांग की गई है।

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संघ ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्राचार के बावजूद कई चीफ इंजीनियर और एससी कार्यालयों ने इस मामले में बोर्ड मुख्यालय से आवश्यक स्पष्टीकरण तक नहीं मांगा। अधिकारियों के कथित ढुलमुल रवैये के कारण पदोन्नति कोटे का सेग्रिगेशन नहीं हो पाया और वरिष्ठ एवं पात्र नॉन-आईटीआई कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हैं।

संघ के अनुसार दिसंबर 2025 में कार्यसमिति में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री और बोर्ड प्रबंधन को सौंपा गया था। इसके बाद भी कई बार पत्र लिखकर प्रभावित कर्मचारियों को एकमुश्त पदोन्नति का लाभ देने की मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

संघ ने बताया कि R&P नियमों में संशोधन का प्रभाव आईटीआई कर्मचारियों पर भी पड़ा है। कुछ विद्युत मंडलों में वर्ष 2017 बैच के टीमेट, हेल्पर और अन्य श्रेणियों के कर्मचारी तथा असिस्टेंट लाइनमैन अभी तक पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ अन्य मंडलों में उनसे कनिष्ठ कर्मचारी दो पदोन्नतियां प्राप्त कर लाइनमैन बन चुके हैं। संघ ने शिमला-2, मंडी, पांगी, काजा, नाहन और रोहड़ू सहित अन्य विद्युत मंडलों का उदाहरण दिया।

संघ का दावा है कि वर्तमान में पदोन्नति के लिए मानदंड पूरा करने वाले करीब 350 नॉन-आईटीआई कर्मचारी तथा टेन्योर पूरा कर चुके करीब 900 आईटीआई कर्मचारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संघ ने कहा कि अलग-अलग मंडलों में पदोन्नति प्रक्रिया में असमानता के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।

तकनीकी कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर नॉन-आईटीआई और आईटीआई कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो संघ आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन की होगी।

Deepika Sharma

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