EXCLUSIVE: नशे की एक सुई… और 15 और जिंदगियों पर HIV का साया
5,181 इंजेक्शन से नशा करने वाले पंजीकृत, संक्रमण रोकने के लिए 17 ओएसटी केंद्र कर रहे उपचार

हिमाचल में नशे की सुई से बढ़ा HIV का खतरा, तीन माह में 15 संक्रमित मिले
शिमला।
हिमाचल प्रदेश में इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों (PWID) के बीच एचआईवी संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (HPSACS) के तहत संचालित टार्गेटेड इंटरवेंशन (TI) परियोजनाओं के माध्यम से अब तक 5,181 इंजेक्शन से नशा करने वाले व्यक्तियों का पंजीकरण किया जा चुका है।
समिति के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के दौरान इस वर्ग के 15 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। यह आंकड़ा इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वाले लोगों में संक्रमण के खतरे को दर्शाता है और समय रहते प्रभावी रोकथाम एवं उपचार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
संक्रमण की रोकथाम और नशे की लत से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने राज्यभर में 17 ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से इंजेक्शन द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे गंभीर संक्रमणों के जोखिम को कम करने में मदद मिल रही है।
इसके साथ ही, इंजेक्शन से नशा करने वाले व्यक्तियों को मनोचिकित्सा विभाग से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यकता अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उनके परिवार के सदस्यों को भी काउंसलिंग और सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उपचार की निरंतरता बनी रहे, पुनर्वास को मजबूती मिले और प्रभावित व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ सकें ।
जिसमें AIDS Control society की टीम बेहतर प्रदर्शन कर रही है जिसमें ज़्यादा से ज़्यादा जनता को जागरूक किया जा रहा है




