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ख़ास ख़बर: सात इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शीघ्र ही शुभारम्भ

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राज्य सरकार ने किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर के संचालन से एक ऐतिहासिक कीर्तिमान हासिल किया है, जिसमें सात इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शीघ्र ही शुभारम्भ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट भाषण में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य भर में छह ग्रीन कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की है।
इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड ने रणनीतिक रूप से किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर पर घंडल, दाड़लाघाट के समीप दसेरन, बिलासपुर के पास नौणी, जडोल, नेर चौक बाईपास, कुल्लू में भूतनाथ मंदिर पुल के सामने और केलांग में सात ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। शिमला से केलांग जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को भी चार्जिंग स्टेशनों से लाभ होगा। इन स्टेशनों को स्थापित करने का उद्देश्य परिवहन के बेहतर साधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ई-चालकों को सुखद यात्रा की सुविधा प्रदान करना है।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि छः घोषित ग्रीन कॉरिडोर में परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-देहरा-अंब-मुबारकपुर-संसारपुर-टैरेस-नूरपुर, पांवटा-नाहन-सोलन-शिमला, परवाणू-सोलन-शिमला-रामपुर-पिओ-पूह-ताबो-काजा-लोसर, शिमला-बिलासपुर-हमीरपुर-कांगड़ा-नूरपुर-बनीखेत-चंबा, मंडी-जोगिंदरनगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा-पठानकोट तथा किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग-जिंगजिंगबार जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अन्य पांच ग्रीन कॉरिडोर को पूरी तरह संचालित करने के प्रयास जारी हैं।
परिवहन विभाग ने अन्य प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के साथ 45 अतिरिक्त ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। राज्य सरकार इन स्टेशनों को स्थापित करने के लिए निजी ऑपरेटरों को 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। सुविधाजनक मार्ग पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और हमें इस समस्या को रोकने के लिए पहले से ही कदम उठाने चाहिए। यही कारण है कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने सहित विभिन्न प्रावधान पहले ही लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष से सरकारी क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल वाहनों की खरीद पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-वाहनों को बढ़ावा देना बेहतर परिवहन के प्रति सरकार के समर्पण को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की ओर हरित ऊर्जा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाना है।

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Deepika Sharma

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