EXCLUSIVE: कृति’ पर सवाल, सीएंडवी का सिलेबस बेहाल
‘कृति’ पुस्तक पर उठे सवालों के बाद निदेशालय में मंथन
सीएंडवी की किताब में अब सिर्फ सीएंडवी का पाठ्यक्रम,करने की तैयारी
निदेशालय स्तर पर हुई बैठक में पाठ्यक्रम को लेकर बनी सहमति, एनसीईआरटी सोलन से प्रक्रिया पूरी; अब अंतिम रूप देने की तैयारी
शिमला। सीएंडवी (क्राफ्ट एंड वोकेशनल) विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई ‘कृति’ पुस्तक में पाठ्यक्रम से कुछ अन्य विषयों को शामिल किए जाने को लेकर उठे सवालों के बाद अब शिक्षा निदेशालय स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
सीएंडवी शिक्षक एसोसिएशन की ओर से इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन आशीष कोहली के साथ बैठक भी हुई, जिसमें विद्यार्थियों को पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम और पुस्तक की विषय-वस्तु को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
एक ही किताब में कई विषयों को लेकर उठे थे सवाल
सीएंडवी शिक्षक एसोसिएशन का कहना था कि विद्यार्थियों के लिए तैयार पुस्तक में सीएंडवी से संबंधित विषय-वस्तु के साथ अन्य गतिविधियों और विषयों को भी शामिल किया गया है। इनमें डांस जैसे विषय भी पुस्तक का हिस्सा बनाए गए हैं।
एसोसिएशन का तर्क है कि जब विद्यार्थियों के लिए सीएंडवी का अलग पाठ्यक्रम निर्धारित है तो पुस्तक में भी उसी से संबंधित सामग्री को प्रमुखता मिलनी चाहिए, ताकि बच्चों को अपने विषय की पढ़ाई व्यवस्थित और स्पष्ट रूप से मिल सके।
फिलहाल ‘कृति’ पुस्तक के कुछ ही अध्याय विद्यार्थियों को पढ़ाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद अब पुस्तक की विषय-वस्तु को निर्धारित सीएंडवी पाठ्यक्रम के अनुरूप करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
एनसीईआरटी सोलन से प्रक्रिया आगे बढ़ी, निदेशालय देगा अंतिम रूप
जानकारी के अनुसार इस संबंध में एनसीईआरटी सोलन स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दी गई है, जबकि अब पुस्तक और पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशालय स्तर पर है। निदेशालय की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि मामला संज्ञान में है और इस दिशा में आगामी कार्रवाई जल्द की जाएगी।
डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन आशीष कोहली ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है और सीएंडवी की पुस्तक को लेकर सामने आई बातों पर आगामी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को सीएंडवी से संबंधित निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाया जाएगा।
एसोसिएशन को सकारात्मक पहल की उम्मीद
सीएंडवी एसोसिएशन के अध्यक्ष शेर सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर निदेशालय के साथ बैठक हुई थी, जिसमें सकारात्मक पहलू सामने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निदेशालय की ओर से जल्द ही आगामी कदम उठाया जाएगा और पुस्तक को सीएंडवी के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए एक ही विषय का स्पष्ट और व्यवस्थित पाठ्यक्रम होना ज्यादा उचित है। पुस्तक में कई तरह की विषय-वस्तु शामिल होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों के सामने यह स्थिति बनती है कि आखिर सीएंडवी के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर क्या पढ़ाया जाना है। ऐसे में आगामी पुस्तक में केवल सीएंडवी से संबंधित पाठ्यक्रम को उचित तरीके से शामिल किए जाने की उम्मीद है।
अब अगली किताब में दिखेगा बदलाव
मामले में निदेशालय स्तर पर हुई चर्चा और एनसीईआरटी सोलन से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद अब निगाहें अंतिम रूप दिए जाने वाली पुस्तक पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो आगामी पढ़ाई में सीएंडवी विद्यार्थियों को ऐसी पुस्तक उपलब्ध होगी, जिसमें उनके निर्धारित विषय और पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री ही केंद्र में होगी। इससे विद्यार्थियों को अपने विषय की पढ़ाई में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।




