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बड़ी खबर: गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में देरी नहीं होगी, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से होगा पालन

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जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई की बैठक उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को आयोजित की गई।
बैठक में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जी. गणेशा बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में जारी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुमशुदा व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा और शीघ्र खोज सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। 
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा बिना किसी अनावश्यक विलंब के तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जानी चाहिए तथा मामले की गंभीरता से जांच प्रारंभ की जानी चाहिए।
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्देशों में कहा है कि गुमशुदगी के मामलों में प्रारंभिक जांच के नाम पर देरी नहीं की जा सकती। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ लिया जाए ताकि लापता व्यक्ति का शीघ्र पता लगाया जा सके और मानव तस्करी अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों की आशंका को समय रहते रोका जा सके।
कोर्ट ने तस्करी निरोधक इकाइयों (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) को सुदृढ़ करने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से खोज अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के यह दिशा-निर्देश महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने, गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से आम नागरिकों का कानून-व्यवस्था एवं पुलिस तंत्र पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र बरामदगी में उल्लेखनीय सहायता मिलेगी।
यह रहे मौजूद
जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अंजली चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विशेष कार्यशाला का होगा आयोजन
जिला स्तर पर जल्दी ही बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी हितधारकों को शामिल किया जाएगा। इस कार्यशाला में विभिन्न कानूनों, उनके क्रियान्वयन, संस्थाओं, एनजीओ की भूमिका आदि के बारे में चर्चा की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि अगले तीन सप्ताह के भीतर इस कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस बारे में संबंधित विभाग को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए है।
जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई (District Anti Human Trafficking Unit – AHTU)
जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) का उद्देश्य मानव तस्करी, महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश तथा पीड़ितों के बचाव एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह इकाई जिला पुलिस के अंतर्गत कार्य करती है और विभिन्न विभागों, बाल कल्याण समिति (CWC), महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, गैर-सरकारी संगठनों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करती है।
Deepika Sharma

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