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Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ने Nirmala Sitharaman से की मुलाकात

छोटे पहाड़ी राज्यों की परिस्थितियों को समझते हुए अलग मापदंड तय करने की वकालत

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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से की भेंट, स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस के तहत वित्तीय पैकेज प्रदान करने का किया आग्रह
आरडीजी पर सभी राज्यों का आकलन एक ही मापदंड पर करना अनुचित

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट कर वित्त वर्ष 2026-27 के राजस्व घाटे की प्रतिपूर्ति करने के लिए स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस के तहत एक वित्तीय पैकेज प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद करने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उन दूसरे राज्यों से नहीं की जा सकती जिनका आरडीजी बंद कर दिया गया है। बड़े राज्य आरडीजी बंद होने से उत्पन्न स्थितियों का सामना कर सकते हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। सभी राज्यों को एक ही पैमाने पर आंकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागालैंड के बाद राज्य को आरडीजी का योगदान के रूप में लगभग 12.7 प्रतिशत प्राप्त होते थे जो दूसरा सबसे ज्यादा है।
उन्होंने इसे बंद करने के निर्णय को कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की भावना को कमजोर करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का आर्टिकल 275(1) राज्य को ऐसे अनुदान देने का प्रावधान करता है जो उनके राजस्व प्राप्ति और व्यय के अंतर को कम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि वित्तायोग ने छोटे पहाड़ी राज्यों की विकास की आवश्यकताओं को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया है।
उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो-तीन वर्षों में व्यय को कम करने के दृष्टिगत कई निर्णायक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत कोई ऑफ-बजट बॉरौंइग नहीं लिया गया और अलग-अलग सेस के ज़रिए हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से भी राज्य के राजस्व को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आवश्यकताओं के अनुरूप टैक्स रेट बढ़ाने और सब्सिडी के युक्तिकरण जैसे उपाए लागू करने के बावजूद राजस्व घाटे के अंतर को कम नहीं कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था के सही आकलन और सुधारों के दृष्टिगत एक कमेटी बनाने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन  दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार उपस्थित थे।

Deepika Sharma

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