विविध

कथक कलाकार पंडित राजेंद्र गंगानी ने शिमला के सेंट थॉमस स्कूल में दी मनममोहक प्रस्तुति

No Slide Found In Slider.

दिनांक 13 अगस्त को सेंट थॉमस स्कूल शिमला में स्पिक मैके (युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु संस्था) के सहयोग से प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथक कलाकार पंडित राजेंद्र गंगानी द्वारा छात्रों के समक्ष कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया।

No Slide Found In Slider.

No Slide Found In Slider.

वहीँ इनके साथ तबले पर संगत कर रहे थे श्री किशोर कुमार, गायन था श्री विनोद गंगानी और सारंगी पर संगत कर रहे थे श्री रवि शर्मा।
पंडित राजेंद्र गंगानी, एक प्रसिद्ध कथक कलाकार हैं जो जयपुर घराने के अग्रणी कलाकारों में से एक हैं तथा वह अपनी उत्कृष्ट नवीनता और तकनीकी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित हैं।
पंडित राजेंद्र गंगानी के शिष्य विश्व भर में इस कला का प्रदर्शन कर रहे है।
पंडित राजेंद्र गंगानी को वर्ष 2003 में भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला है, साथ ही उन्हें अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रिय स्तर पर कई पुरुस्कारों से भी नवाजा गया है। पं.राजेंद्र गंगानी ने चार साल की आयु से अपने गुरु और इनके पिता कुन्दनलाल गंगानी से कथक का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था । लंदन के क्वीन एलिजाबेथ हॉल के भव्य मंचों से लेकर सोवियत संघ के भारत महोत्सव तक, और दुनिया भर के प्रमुख शहरों में, उनके प्रदर्शनों ने दर्शकों को भावविभोर और रूपांतरित किया है,जिसके लिए उन्होंने गहरी प्रशंसा भी बटोरी है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों ने अपनी उपस्तिथि दर्ज की जिसमें श्री ललित भरद्वाज जो जाने माने प्रोडक्शन डिज़ाइनर, एक्टर , राइटर , पेंटर , मूर्तिकलाकार,टेलीविज़न और बॉलीवुड सिनेमा की दुनिया से जुड़े है। इसके अलावा थिएटर की जानीमानी हस्तिया जिसमे श्री रुपेश भीमटा , विकास गौतम ,सेजल ,तरुणा मिश्रा इत्यादि ने अलावा हिमाचल विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के शिक्षार्थियों ने भी शिरकत की।
कार्य्रकम में विद्यालय के छात्र जिसमे जिया,प्रिया,शगुन इत्यादि ने पंडित राजेंद्र गंगानी से कथक से जुड़े कई प्रश्न पूछे और पंडित जी के प्रश्नो के उत्तर भी दिए।
पंडित राजेंद्र गंगानी ने कहा कि उन्हें सेंट थॉमस विद्यालय में आ कर बहुत ही अच्छा लगा, उन्होंने कहा कि इस कला का विस्तार अब बहुत तेजी से हो रहा है कला किसी लिंग से जुडी नहीं होती और यह एक साधना है जिसके लिए हमे साधक बनना पड़ता है। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाचार्या विधुप्रिया चक्रवर्ती , उप-प्रधानाचार्या श्रीमती शैरन नंदा उपस्तिथि अतिथितियों और छात्रों का भी अभिनंदन किया।
सेंट थॉमस स्कूल शिमला में स्पिक मैके (युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु संस्था) के साथ सन 2008 से जुड़ा है अतः स्पिक मैके के सहयोग से प्रख्यात कलाकारों के साथ विभिन्न कला की विद्याओं को अपने विद्यालय में प्रर्दर्शित करता रहा है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम विद्यालय में होते रहेंगे।

विद्यालय की प्रधानाचार्या विधुप्रिया चक्रवर्ती ने पंडित राजेंद्र गंगानी , स्पीक मैके की टीम और उपस्तिथ सभी गणमान्य अतिथियों का सवागत और अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी आयोजिय किए जायेंगे।

 

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close