सम्पादकीय

सराज क्षेत्र की आपदा को बताया 200 साल की सबसे बड़ी त्रासदी, पुनर्वास को वन टाइम पॉलिसी पर विचार

सराज में बादल फटने से भारी तबाही, मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत कार्यों के लिए ₹7 करोड़ मंजूर

No Slide Found In Slider.

सराज में फसलों और सेब बागवानों को भी मिलेगा मुआवजा, गाद से भरे घरों को घोषित किया जाएगा पूर्ण क्षतिग्रस्त

No Slide Found In Slider.

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को दूसरे दिन भी मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्रों थुनाग, बगस्याड़, देजी गाँव, बाड़ा और स्यांज गाँव का दौरा किया। देजी गाँव में बादल फटने के कारण 11 लोग लापता हैं, जबकि बाड़ा में दो लोगों की मृत्यु हुई है। स्यांज गाँव में चार व्यक्तियों की मौत हुई है जबकि पांच व्यक्ति अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के साथ संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पखरैर पंचायत घर में आपदा प्रभावितों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ऐसी आपदा दो सौ साल में भी नहीं आई। लेकिन इस बार आपदा में कई बादल फटे, बहुत सारा पानी एक साथ आया और लोग बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागे। मुख्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को सभी तरह के नुकसान का आकलन तुरंत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन घरों में गाद भरी है या बड़े बड़े पत्थर आ गए हैं अथवा जो घर अब रहने के लिए असुरक्षित हैं, उनको पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों की श्रेणी में डाला जाए ताकि प्रभावितों को अधिक से अधिक मुआवजा मिल सके। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि उनके क्षतिग्रस्त सामान और पशुधन का मुआवजा भी सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को फूलों की खेती करने वाले किसानों और सेब बागवानों को हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए।

प्रभावितों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा ”मैं आपदा के इस दुःखद् समय में आपके साथ खड़ा हूं और आपको फिर से बसाने के लिए राज्य सरकार कैबिनेट से विचार करने के बाद विशेष राहत पैकेज जारी करेगी। आपदा बड़ी है, पुनर्वास में समय लगेगा लेकिन जितना भी पैसा लगे, राज्य सरकार आपकी पूरी मदद करेगी।’’

No Slide Found In Slider.

बाड़ा में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों को फिर बसाने के लिए वन टाइम पॉलिसी लाने पर विचार करेगी। राज्य में 68 प्रतिशत भूमि वन भूमि होने के कारण मामला केंद्र सरकार की अनुमति के लिए भेजा जाएगा। थुनाग के वानिकी एवं उद्यानिकी कॉलेज की अस्थाई रूप से कक्षाएं मण्डी जिले के सुन्दरनगर में चलाई जाएंगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

श्री सुक्खू ने कहा कि मंडी जिला, विशेष रुप से सराज क्षेत्र में बादल फटने के कारण काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के लिए सात करोड़ रुपए तुरंत प्रभाव से जारी कर दिए हैं। दो करोड़ रुपए पहले ही प्रदान कर दिए हैं और अब लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभागों को दो-दो करोड़ तथा बीडीओ को एक करोड़ रुपए और दिए जाएंगे ताकि बहाली कार्यों में और गति लाई जा सके। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं नुकसान का आकलन करने के लिए आया हूँ और मैंने देखा है कि बागबानों का भी काफी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार बागवानों का सेब मंडियों तक पहुँचाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है। प्रमुख सड़कें खुल चुकी हैं और अब गांव के सम्पर्क मार्गांे को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि चिंता इस बात की है कि अभी तो बरसात की शुरूआत हुई है।

थुनाग विश्राम गृह में आपदा प्रभावितों की सहायता कर रही एन.सी.सी. की छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उनके सेवा भाव की सराहना की। स्कूल की छात्राओं ने उन्हें स्कूल को हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने वादा किया कि थुनाग में राज्य सरकार सीबीएसई आधारित स्कूल खोलेगी।

मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में डटे एसडीआरएफ जवानों का हौसला भी बढ़ाया और उनके काम की सराहना की। भारतीय सेना के ब्रिगेडियर यजुवेंद्र सिंह ने थुनाग में चलाए जा रहे राहत कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी और आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सेना के 26 जवान लोगों की मदद में लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सेना के सभी जवानों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस तथा होमगार्ड के साथ-साथ सभी स्वंयसेवी संस्थाओं का मदद के लिए आभार व्यक्त किया।

कांग्रेस नेता चेत राम, जगदीश रेड्डी, विजय पाल सिंह, एपीएमसी चेयरमैन संजीव गुलेरिया, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन तथा एसपी साक्षी वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close