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गतिकीय प्रणालियाँ एवं नियंत्रण प्रणाली पर विश्लेषण

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सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला “गतिकीय प्रणालियाँ एवं नियंत्रण प्रणाली पर विश्लेषण” का जेपी सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाकनाघाट, सोलन, हिमाचल प्रदेश में सफल समापन हुआ

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यह दो सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला, जो गणित केंद्र (NCM) द्वारा 9 जून से 21 जून 2025 तक गणित विभाग के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय गणित केंद्र के सहयोग से किया गया, जो आईआईटी मुंबई और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई का संयुक्त केंद्र है। इस आयोजन का उद्देश्य देशभर के गणितज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान कर गतिकीय प्रणालियों और नियंत्रण सिद्धांत में अनुसंधान एवं शिक्षण को प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर. के. शर्मा ने किया, जिनके प्रेरणादायक उद्बोधन से प्रतिभागियों को उत्साह मिला। उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर ए. के. गुप्ता (डीन, अकादमिक), प्रोफेसर सुधीर स्याल (डीन, अनुसंधान एवं अंतर्निर्भरता), प्रोफेसर सुनील खाह (डीन, प्रत्यायन) तथा एसोसिएट डीन रिसर्च एंड इनोवेशन प्रोफेसर श्रुति जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. भूपेन्द्र कुमार पाठक एवं डॉ. सौरभ श्रीवास्तव थे। डॉ. राकेश कुमार बजाज, गणित विभागाध्यक्ष, इस कार्यशाला के संयोजक थे और इसके सफल आयोजन में उनका विशेष योगदान रहा। कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने गतिकीय प्रणालियों, स्थिरता विश्लेषण, गैर-रेखीय प्रणालियाँ और नियंत्रण सिद्धांत जैसे विषयों पर गहन व्याख्यान प्रस्तुत किए। प्रमुख वक्ताओं में प्रो. सैयद अब्बास (आईआईटी मंडी), प्रो. ए. के. नंदकुमारन (आईआईएससी बैंगलोर), प्रो. मणि मेहरा (आईआईटी दिल्ली), डॉ. डी. एन. पांडे (आईआईटी रुड़की), डॉ. बिधान चंद्र सरदार (आईआईटी मद्रास) और डॉ. तनमय सरकार (आईआईटी जम्मू) शामिल थे। इनके व्याख्यानों से प्रतिभागियों को समकालीन अनुसंधान प्रवृत्तियों की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त, डॉ. रंजीत टी (आईआईएससी बैंगलोर), सुश्री दीक्षा श्रीवास्तव (आईआईटी रुड़की), श्री शिवम मिश्रा (आईआईटी मंडी) एवं श्री सर्वेश (आईआईटी दिल्ली) द्वारा ट्यूटोरियल सत्र आयोजित किए गए, जो सिद्धांतों को व्यावहारिक समस्याओं से जोड़ने पर केंद्रित थे। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों, शोधार्थियों और स्नातकोत्तर छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की और सत्रों में उत्साहपूर्वक संवाद किया।
समापन समारोह डीन (आर एंड आई), डीन (प्रत्यायन), विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्यों, प्रतिभागियों और छात्रों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। आयोजकों को श्री मदभगवत गीता और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों और छात्रों को भागीदारी का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यशाला एक सकारात्मक नोट के साथ समाप्त हुई और इस वादे के साथ कि लक्ष्य प्राप्त होने तक सीखना जारी रहेगा। सभी बाहरी प्रतिभागियों ने JUIT द्वारा प्रदान किए गए शानदार आतिथ्य का आनंद लिया और उसकी सराहना की। उन्होंने गणित विभाग के पीएचडी विद्वानों का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने उनके प्रवास को बहुत आरामदायक बनाया, जिसका अंततः फलदायी शिक्षण पर प्रभाव पड़ा।
आयोजन समिति ने विश्वविद्यालय के तकनीकी, प्रशासनिक एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके समर्पित प्रयासों से कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। यह कार्यशाला उच्च स्तरीय शैक्षणिक वातावरण, सहयोगात्मक शिक्षा और विचारों के आदान-प्रदान का उत्कृष्ट उदाहरण रही। प्रतिभागियों ने कार्यशाला की शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यवस्था और आतिथ्य की सराहना की। यह कार्यशाला जेपी विश्वविद्यालय की गणितीय अनुसंधान और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा इसे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक संवाद एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र साबित करती है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे प्रयासों के माध्यम से प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने एवं ज्ञान के प्रसार हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।

Deepika Sharma

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