विविध

न्याय संहिता पर कुछ इस तरह दिया सबक़

आईटीआई शिमला में न्याय संहिता पर जागरूकता शिविर

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

 

भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के अंर्तगत मिशन शक्ति (संकल्प योजना के तहत आज शुक्रवार 5 जुलाई को राजकीय आईटीआई चौडा मैदान शिमला में भारतीय न्याय संहिता पर शिविर आयोजित किया गया। इसकी जानकारी जिला कार्यकम अधिकारी शिमला श्रीमति ममता पॉल ने दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि एक जुलाई से 5 जुलाई तक चले इस साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत शिमला जिला के विभिन्न विकास खंडों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों स्कूल व कॉलेज, तथा आईटीआई के छात्रों तथा छात्राओं व महिलाओं को भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अलावा मिशन शक्ति के तहत चल रही विभिन्न स्कीमों जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, पीसीपीएनडीटी एक्ट, पोक्सो एक्ट, सखी निवास, (पालना) कामकाजी महिला आवास के तहत किए जाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

उन्होंने बताया कि 16 सप्ताह तक चलनें वाले सौ दिवसीय इस जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं व बच्चों को उपरोक्त योजनाओं के तहत जागरूक किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमति पॉल ने बताया कि मिशन शक्ति के अन्तर्गत भारत सरकार के 100 दिवसीय (स्पैशल एवेयरनेस डाइव) विशेष जागरूकता कार्यक्रम 21 जून से 4

अक्तूबर तक शिमला जिला के विभिन्न विकास खंडों में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान पोषण अभियान के तहत चल रहे पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

इस कड़ी में आज शुकवार 5 जुलाई को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चौडा मैदान शिमला में भारतीय न्याय संहिता पर जिला न्यायिक प्राधिकरण शिमला से आई अधिवक्ता मिस रीता ठाकुर ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुख्य परिवर्तन जैसे पोस्को एक्ट यानी लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012, बच्चों के खिलाफ बढते यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया कानून है। यह कानून 14 नवंबर 2012 से पूरे

No Slide Found In Slider.

देश में लागू है

इस कानून के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को नाबालिग माना जाता है और उन पर होने वाले यौन अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। इस कानून के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होन वाले यौन अपराधों और छेडछाड जैसे यौन उत्पीडन, यौन शोषण ओर पोर्नोग्राफी मामलो में कार्रवाई की जाती है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध, बलात्कार, ताक-झांक, पीछा करना और महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने जैसे कृत्यों, शरीर के विरुद्ध अपराध, राजद्रोह जैसे भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए, आतंकवाद, संगठित अपराध में अपहरण, जबरन वसूली. कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, जमीन हड़पना, वित्तीय घोटाले और साइबर अपराध जैसे व बच्चों के विरुद्ध अपराध, महिलाओं और बच्चों के साथ बलात्कार और सामूहिक बलात्कार, माता-पिता से चोरी करने के इरादे से बच्चे का अपहरण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमे 120 छात्रों तथा छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उप प्रधानाचार्य श्री संजेश शर्मा, इंस्टकटर श्रीमति निशा शर्मा के अलावा अन्य कर्मचारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला शहरी श्रीमति स्नेहलता नेगी व मशोबरा स्थित टूटु श्रीमति रूपा रानी तथा पोषण अभियान व मिशन शक्ति के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

चौपाल के कुपवी व नेरवा में हब की टीम ने महिलाओं को किया जागरूक

मिशन शक्ति के अन्तर्गत भारत सरकार के सौ दिवसीय (स्पैशल एवेयरनेस डाइव) विशेष जागरूकता कार्यक्रम के तहत 4 जुलाई वीरवार को चौपाल के नेरवा में हब की टीम ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वहीं गत दिवस इस अभियान के तहत चौपाल व कुपवी में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया जिसमें करीब 170 आंगनवाडी कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। इसमें मिशन शक्ति के तहत चल रही विभिन्न स्कीमों जैसे बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, पोस्को एक्ट, पीसी पीएनडीटी एक्ट, सखी निवास, (पालना) कामकाजी महिला आवास के तहत किए जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close