संकल्प रंगमंडल द्वारा सेंट थॉमस विद्यालय में किया गया पॉपकॉर्न नाटक का मंचन

शिमला के सेंट थॉमस विद्यालय में आज दिनांक 24 – 06 2024 को संकल्प रंगमंडल शिमला द्वारा व भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा समर्थित पॉपकॉर्न नामक एक नाटक का मंचन किया गया। यह पॉपकॉर्न नाटक एकल नाटक था जिसके निर्देशक केदार ठाकुर थे और अनिल शर्मा इसके अभिनेता:थे।स्कूली छात्रों के सामने पॉपकॉर्न नामक नाटक का मंचन किया गया।

इस नाटक की खास बात यह थी कि यह/वन मैन शो था और इसमें केवल एक व्यक्ति दर्शकों को उनके मनोरंजन के उद्देश्य से नहीं बल्कि समाज को शिक्षित करने के लिए। एक कहानी सुनाता है। इस नाटक में आत्मकथात्मक रचनाएँ, हास्य अभिनय, उपन्यास रूपांतरण, वाडेविल, कविता आदि शामिल थी ।
इस नाटक की शुरुआत रेलवे स्टेशन के प्रदर्शन से होती है। जिसमे नाटक का नायक “पॉपकॉर्न बेचने वाला” होता है।
पूरा नाटक पॉपकॉर्न बेचने वाले के इर्द-गिर्द ही घूमता है और जिस तरह से उसने समाज के विभिन्न-विभिन्न पहलुओं को देखा है। वह मौजूदा बुराइयों और उनके प्रचलित होने के कारणों के बारे में सवाल उठाता है।
कहानी की शुरुआत पॉपकॉर्न बेचने वाले से होती है जो रेलवे स्टेशन पर पॉपकॉर्न बेचता है। वह हर दिन मानसिक रूप से कमज़ोर तुकिया नामक महिला को कुछ पॉपकॉर्न देता है। एक दिन, उसे पता चलता है कि तुकिया का बलात्कार एक फल बेचने वाले ने किया था जिसे वह बहुत अच्छी तरह से जानता है और सोचता है कि यह समाज वास्तव में कहाँ जा रहा है।
जब उसे यह पता चलता है, तो वह तर्क करने की कोशिश करता है कि एक मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति एक मानसिक रूप से बीमार महिला का बलात्कार क्यों करेगा और निष्कर्ष निकालता है कि हर कोई अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि अपने लालच को पूरा करने के लिए जी रहा है।
यह नाटक दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि आज के समय में लोग सिर्फ भौतिक लाभ के बारे में ही सोचते हैं, लेकिन अच्छा इंसान बनने के बारे में सोचने का समय किसी के पास नहीं है। पॉपकॉर्न बचने वाले के नज़रिए से देखें तो थिएटर प्रेमी ही हमारे समाज की वास्तविकता को समझ सकते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या विधुप्रिया चक्रवर्ती ने कहा कि इस तरह के नाटक एक सामाजिक संदेश देता है, आज के युवा को इससे सिख लेनी चाहिए , उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के सामाजिक नाटकों का आयोजन भविष्य में विद्यालय में जायेंगे।


