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बड़ी खबर: हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम पर शिक्षकों से की जा रही फर्जी उगाई व ठगी की FIR दर्ज कराई जाएगी : वीरेंद्र चौहान 

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान एवम संघ के सभी पदाधिकारियॉं ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिसकी पंजीकरण संख्या 14 है और पंजीकरण तिथि 14 -10-1957 है संगठन की संबद्धता अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ ने जिस हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ को दी है उसके प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान है अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ के महासचिव के द्वारा 16 मई 2023 को जारी पत्र में भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश में एक ही संगठन अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ से संबद्धता प्राप्त है और उसके प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र चौहान हैं अन्य जो भी लोग हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से प्रदेश में शिक्षकों को गुमराह कर रहे हैं और इस संगठन के नाम पर मनमाने तरीके से जो अपने आप पर्चियां छुपाकर ₹200 का प्रति शिक्षक सदस्यता शुल्क लेकर चंदा इकट्ठा कर रहे हैं वह सरासर गलत और अनैतिक है क्योंकि उन लोगों को हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से सदस्यता शुल्क की प्रतियां छपाने और पैसा इकट्ठा करने का कोई भी नैतिक अधिकार नहीं है 

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा है कि संघ में चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने हेतु संविधान के अनुसार चुनाव आयोग गठित किया है और उस चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त अरुण गुलेरिया सहित दो चुनाव आयुक्त सरोज मेहता और डॉक्टर कुलदीप सिंह अत्रि को संघ की आम सभा में धर्मशाला के हाउस में चुना गया हैं और उसके बाद चुनाव आयोग ने जिलों में चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है तथा 7 जून तक खंड के चुनाव कराने के निर्देश भी दे दिए हैं इसके अंतर्गत ही पूरे प्रदेश में शिक्षकों से सदस्यता शुल्क के रूप में ₹200 की पर्ची काटी जा रही है ऐसा देखने में आ रहा है कि कुछ जगह हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम पर फ्रॉड पर्चियां छुपाकर लोगों से चंदा उगाई की जा रही है इस कार्य मे हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम पर दो व्यक्तियों द्वारा जिसमें एक नरेश महाजन और दूसरे कैलाश ठाकुर जो अपने आप को प्रदेश अध्यक्ष कह रहे हैं उन दोनों को संगठन ने पहले ही 3 साल के लिए संगठन से निष्कासित किया है और उसके बाद न्यायालय ने भी इस फैसले को सही ठहरा है उक्त व्यक्तियों ने अपने आप ही पर्चियां छपवाकर एक बहुत बड़ा दुस्साहस और गैर कानूनी काम किया है जोकि शिक्षकों के साथ एक बहुत बड़ा धोखा और ठगी है एक महानुभाव ने तो पर्ची पर संगठन की पंजीकरण संख्या और सम्बढ्ता तक नहीं लिखी है और दूसरे ने अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ से संबद्धता दर्शाई है जबकि अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ ने वीरेंद्र चौहान को हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष के नाते संघ की संबद्धता की अधिसूचना की है इस तरह से दोनों स्वयंभू नेताओं ने कानून को अपने हाथ लेकर शिक्षकों के साथ धोखाधड़ी की है संघ इसके ऊपर संकड़ा संज्ञान लेने जा रहा है साथ ही उन लोगों को भी आगाह किया है जो लोग इन फर्जी पर्ची को फील्ड में शिक्षकों से कटवा कर उनसे 200 रुपये की बसूली कर उन्हें गुमराह कर रहे हैं उनके खिलाफ भी संघ कानूनी कार्रवाई कर रहा है l

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वीरेंद्र चौहान ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षकों से आह्वान करते हैं कि आप इन फ्रॉड लोगों के बहकावे में ना आए और यदि आप हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के सदस्य बनना चाहते हैं तो केवल वही पर्ची सदस्यता के रूप में ग्रहण करें जिसमें प्राप्त करता के स्थान पर नीचे अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र चौहान लिखा है वही पर्ची संघ की असली पर्ची है और बाकी पर्ची को सदस्यता के रूप में ना ले क्योंकि इन लोगों के द्वारा जो पैसा इकट्ठा किया जाएगा वह पैसा इनके जेब में जाएगा उसका कोई भी अकाउंट या लेखा-जोखा नहीं होगा क्योंकि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम पर यह लोग ना तो चुनाव करा पाएंगे और ना ही उस पैसे का इस्तेमाल वह सदुपयोग होगा कोई शिक्षक साथी फिर भी यदि इस तरह की पर्ची को कटवाना चाहता है तो उसकी अपनी इच्छा है इसमें हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का कोई लेना देना नहीं होगाl

 साथ ही संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने सभी शिक्षक साथियों से आग्रह किया कि ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए आप हमारा सहयोग करें और इनके द्वारा काटी जा रही पर्ची की प्रतियां हम तक पहुंचाने का काम करे ताकि इन्हें कानून के दायरे में लाकर इनके ऊपर जालसाजी का मुकदमा बनाया जा सके नहीं तो कोई भी व्यक्ति आपके पास आकर आपसे किसी नाम से भी चंदा उगाही कर ले जाएगा उसमें जहां एक और संगठन बदनाम होगा वही आपकी जेब भी ढीली होगी l

 

Deepika Sharma

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