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EXCLUSIVE: शिक्षा विभाग का ये कैसा हैरान कर देने वाला फरमान?

कोविड में दे दिए आदेश, सामंजस्य नहीं

 

 

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग अपनी आए दिन अपनी आश्चर्यजनक एवं अव्यव्हारिक अधिसूचनाओं के लिए चर्चा में बनता जा रहा है हाल ही में एकाएक एवं अकारण ही अधिकतर शिक्षक संघो के विरोध के बावजूद भी पहले 21 जून सुप्रसिद्ध योगा दिवस से ही अवकाश करने और पुन उस अवकाश को 22 जून से करने के आदेशों से काफी किरकिरी के बाद अब एक विरोधाभास वाले आदेश से चर्चा में है।अब एक और फरमान को लेकर जिला सिरमोर प्रवक्ता संघ ने भी सवाल उठाया है।

दरअसल संयुक्त निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा ( प्रशासनिक )ने 30 जुलाई को जारी आदेश में कोविड के बढ़ते केस के मध्यनजर विद्यालयों में समूहकारण एवं अधिक भीड़ से बचने की हिदायते दी थी जिसके कारण कुछ विद्यालयों ने 1 अगस्त को प्रस्तावित आजादी के स्वर्णिम महोत्स्व के कार्यक्रम को रद्द करने के साथ साथ स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम भी रद्द कर दिए थे ।

इसके अतिरिक्त प्रार्थना सभाओं को पुनः प्रारम्भ करने के औपचारिक आदेश भी अभी तक जारी नहीं हुये परन्तु 12 शर्तो के साथ खेल कूद प्रतियोगिताएं की जा सकती है जिसके निर्देश उच्च शिक्षा निदेशक ने 1 अगस्त को जारी किये है ।

इस पत्र में 12 शर्तो पर यह प्रतियोगिताये करवानी पड़ेगी परन्तु शर्ते ऐसी जिनकी अनुपालना करवा पाना हर आयोजक के लिए आसान नहीं।लम्बे अंतराल के बाद आयोजित होने वाली खेल कूद प्रतियोगिताओं में भीड़ का होना स्वभाविक हैँ तथा इसके अतरिक्त बहुत से ऐसे आयोजक विद्यालय भी हैँ जहाँ आवास की कमी के कारण विद्यार्थियों को भेड़ बकरियों की तरह ठूंस ठूंस कर भरा जाएगा।

वही हाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट में होगा खंड स्तर की प्रतियोगिताओं में भी 200 से लेकर 400 तक विद्यार्थियों के साथ लगभग 50 से 100 तक शिक्षक, प्रशिक्षक भाग लेंगे। और जहाँ तीन चार सौ प्रतिभागी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे वहां इससे अधिक संख्या दर्शकों की होगी

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अब खड़ा होता है ये सवाल 

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 अब प्रश्न पैदा होता है कि जब विद्यालय के अपने ही विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा में भी संक्रमण का भय है तो हजारो की संख्या में भीड़ वाली प्रतियोगिताओं में क्या संक्रमण का संभावना नहीं? साथ ही  सभी दर्शकों के रैपिड टेस्ट करवा पाना व बार बार प्रतिदिन थर्मल सकेनिंग कर पाना भी सम्भव नहीं और न ही व्यवहारिक।

आखिर क्या जरूरी

. यद्यपि विद्यार्थियों के सर्वागीण विकास हेतु खेल कूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण स्थान है तथा विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक भी बेसब्री से इन प्रतियोगिताओं कि प्रतीक्षा में थे तथापि निरंतर बढ़ रहे संक्रमण के मध्यनजर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की प्रथमिकता होना चाहिए क्योंकि अभी तक अधिकतर विद्यार्थीयों को सम्भवतः कोविड की दोनों डोज़स भी नहीं लग पायी हैँ. ।

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सामंजसय ही नहीं 

इन हालात में संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ( प्रशासनिक )एवं निदेशक उच्च शिक्षा के आदेशों में सामंजसय न हो पाना शिक्षा जगत से जुड़े लोगो को सहन नहीं हो रहा हैँ।

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जिला सिरमौर प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा है कि बेशक खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियां लम्बे समय से अपेक्षित थी परन्तु हाल ही में तीव्रता से कोविड केस बढ़ने के कारण इन प्रतियोगिताओं में जोखिम बढ़ जाएगा जिसका प्रभाव सितंबर माह में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में भी पढ़ सकता है इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजको को कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना कर पाना अव्यव्हारिक है अत किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए खंड, जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में आयोजन स्थलों पर स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जानी चाहिए।

 

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