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चिंता: मनरेगा के तहत काम करने वाले लाखों दिहाड़ीदारो को दिसंबर 2021 से लेकर नहीं मिली दिहाड़ी

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आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश की सरकार पर एक बार फिर आरोप लगाया है कि प्रदेश में मनोरेगा के तहत काम करने वाले लाखों दिहाड़ीदारो को दिसंबर 2021 से लेकर न दिहाड़ी मिल रही हैं न मनोरेगा के तहत विकासात्मक कार्य करने हेतु किसी भी तरह का सामान उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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वही दूसरी ओर सरकार जहां विकास की दुहाई देती नही थकती,वहीं धारतल पर कुछ भी नजर नही आ रहा है।इसी कड़ी में ग्रामीण परिवेश के गरीब लोग खासकर बेरोजगार युवा जिन्हे काम करना था उन्हे 212/- के हिसाब से दिहाड़ी भी नही नसीब हो रही है।

 

डबल इंजन की ऐसी भाजपा सरकार जनता के मंसूबों पर पानी फेरती नज़र आ रही है और जनता को जवाब देने में भी नाकामयाब साबित हो रही है।

 

 

प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर जय राम जी की दिल्ली में दूसरे इंजन को संभालने वाले कर्णधारों से अक्सर मुलाकात होती रहती है। मुख्यमंत्री क्यों मनोरेगा के वास्ते धन उपलब्ध करवाने का इंतजाम नही करते।

 

क्या मुख्यमंत्री दिल्ली तो जाते ही रहते हैं तो इतने महत्वपूर्ण विषय को केंद्रीय नेतृत्व के सम्मुख क्यों गंभीरता से नहीं रखते? इसका अर्थ तो यह हुआ कि भाजपा सरकारों के दोनो इंजन हांपते नजर आ रहे है।जब कि भाजपा ने डबल इंजन की आड़ में जनता से वोट एंटेने में कामयाब रही।जो कि अब जल्दी ही नवंबर 2022 में ये डबल इंजन जनता द्वारा वर्कशॉप में भेजना तय हैं।

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शिमला से प्रैस को जारी एक ब्यान में प्रदेश आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता एसएस जोगटा ने आगे कहा कि विकास का क्षेत्र चाहे कोई भी हो प्रदेश की सरकार हर विकासात्मक पहलुओं पर विफल साबित हुई है। जब कि ग्रामीण क्षेत्र में मनौरेगा एक राष्ट्रीय प्रोग्राम होने के चलते इसे धरातल पर उतार कर इसे गरीबों और बेरोजगारों को उनके घरद्वार पर उन्हे दिहाड़ी मिलना सुनिश्चित किया जाता है। जनता को सभ दिखता है।प्रदेश की कुल 72 लाख की आबादी मे से लगभग 13-14 लाख के करीब पढ़े लिखे युवा एवम युवतियों की फोज पहले ही खड़ी है। जो अपने गुजर बसर करने का इंतजार कर रहे हैं। इन सभी पहलुओं के चलते जनता द्वारा सरकारें चुनी जाती हैं और सरकारों की जिम्मेवारी भी बनती हैं। लेकिन वर्तमान सरकार का इस तरह का असफल होने वाला आलम तो देखते ही बन रहा है।

 

उदाहरण स्वरूप अभी 2 दिन पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र गांधी जब मंच पर बेरोजगारों से संबंधित भाषण दे रहे थे तो बीच में से एक बेरोजगार युवा उठकर उनसे प्रश्न करने लगा की आपकी भाजपा सरकार ने पिछले 4 सालों में कितने रोजगार उपलब्ध करवाए। ये बात सुनकर उक्त विधायक मंच छोड़कर भाग गए। इससे प्रदेश सरकार की नाकामयाबी सरेआम झलक रही है। इसमें और प्रमाण की अवशायकता नहीं है। इसी प्रकार प्रदेश की दूसरी विधानसभाओं में भी कई विधायकों को काले झंडे दिखाकर भगाया जा रहा है।

 

अत:प्रदेश आप पार्टी सरकार से अनुरोध करती है कि मनोरेगा से संबंधित माजरा गरीब बेरोजगारों के हित में समय रहते जल्दी सुलझाय जाए जाने की अवशयकता है।अन्यथा स्थित गंभीर हो सकती है।

 

 

Deepika Sharma

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