शिक्षा

महंगी हो गई किताबें, फीस भी बढ़ गई

एसएफआई की राज्य कमेटी ने शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया

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 एसएफआई की राज्य कमेटी ने शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि महामारी से तबाह प्रदेश की आर्थिकी के कारण आज प्रदेश में हरेक परिवार संकट में है। बजाय जनता को आर्थिक सहयोग देने के ऐसे समय मे सरकर कोरोना की आड़ में पहले शिक्षा जैसे मूलभूत अधिकार पर 18 % GST लगाने का फैसला लेती है। उसके बाद स्कूलो से लेकर महाविद्यालय व विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया गया। अभी हाल ही में सरकार के द्वारा फिर से किताबो की कीमतों में 25% की वृद्धि की गई। SFI राज्य कमेटी शुरू से इन छात्र विरोधी फैसलों के विरोध करती आई है लेकिन इस बहरी सरकार के कान पर जूं तक नही रेंगती है सरकार व उसका प्रशासन छात्रों की इन जायज मानगो को सुनने के लिए तैयार नही है। जो कि इस सरकार के तानाशाह पूर्ण रवैये व शिक्षा विरोधी मानसिकता को भी उजागर करता है।

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इसलिए SFI राज्य कमेटी मांग करती है कि  शिक्षा पर 18% GST लगाना किसी भी तरह छात्र हितैषी नहीं है तथा इसे तुरंत वापिस लिया जाए। 

 किताबों के मूल्य में 25% वृद्धि के फैसले को वापिस लिया जाए तथा निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी लूट पर रोक लगाई जाए  

 SC ST छात्रवृत्ति को बहाल किया जाए। एसएफआई राज्य कमेटी का मानना है कि प्रदेश सरकार इस आपदा को भी जनता को लूटने का अवसर बनाने की कोशिश कर रही है। आपदा के इस दौर में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और दूरदराज के इलाके में नेटवर्क की समस्या के कारण कई छात्र पढ़ाई नहीं कर पाए है इसलिए SFI मांग करती है कि इस बार ई परीक्षाओं में 50% पाठ्यक्रम ही शामिल किया जाए

राज्य सचिव अमित ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इन मांगो को पूरा ना किया गया तो SFI हर एक महाविद्यालय में छात्रो को लामबंद करते हुए इस आंदोलन को तेज करेगीजिसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेवार होगी। 

 

 

Deepika Sharma

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