विविध

ड्रोन तकनीक का उपयोग होगा भूमि की हदबन्दी में दस्तावेज तैयार को

मुख्यमंत्री ने आईटीआई शाहपुर में राज्य के पहले ड्रोन पायलेट स्कूल का उद्घाटन किया

No Slide Found In Slider.

 

ड्रोन आधुनिक युग की तकनीक है, जिसे किसी भी व्यक्ति द्वारा संचालित कर इसे रोज़मर्रा के कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। यह बात आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) शाहपुर में राज्य के पहले ड्रोन पायलट स्कूल का उद्घाटन करते हुए कही।

No Slide Found In Slider.

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि ड्रोन एक नवाचार तकनीक है, जिसे फसलों पर निगरानी रखने के अतिरिक्त कीटनाशक के छिड़काव आदि के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राज्य सरकारों को ड्रोन तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का आग्रह किया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ड्रोन तकनीक का उपयोग भूमि की हदबन्दी तथा जनसंख्या वाले क्षेत्रों में दस्तावेज तैयार करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन के उपयोग का सबसे बड़ा लाभ है कि यह न केवल किफायती है, बल्कि यह समय की बचत भी करता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ड्रोन तकनीक युवाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगा और युवाओं को इस तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

No Slide Found In Slider.

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने मुख्यमंत्री का उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि यह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान राज्य के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह ड्रोन पायलट स्कूल क्षेत्र के युवाओं को रोज़गार तथा स्वरोज़गार सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रदान करने में मील पत्थर साबित होगा। उन्होंने क्षेत्र की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर, पूर्व विधायक सुरेन्द्र काकू, जिला भाजपा अध्यक्ष चन्द्र भूषण नाग, जिला परिषद् अध्यक्ष रमेश बराड़, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चन्देल, उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिन्दल, पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल चन्द शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close