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काले कृषि कानूनों के विरोध में किसान सात अप्रैल को पांवटा साहिब में करेंगे महापंचायत…. 

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हिमाचल प्रदेश में 7 अप्रैल को एक महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है।जो हिमाचल प्रदेश में पहली किसान पंचायत है। यह महापंचायत सिरमौर जिले के पांवटा साहिब स्थित हरीपुर टोहना में होगी। इस पंचायत में किसानों के विभिन्न नेता संगठन शामिल होंगे, तथा हिमाचल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, इत्यादि राज्यों से लाखों किसान शामिल होंगे। इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, सरदार बलबीर सिंह राजेवाल, अभिमन्यु कोहाड़,किसान नेता कंवर ग्रेवाल जो कि एक पंजाबी गायक भी है और डॉ. दर्शनपाल सिंह शामिल होंगे।

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संयुक्त किसान मोर्चा पांवटा साहिब के संयोजक सरदार तरसेम सिंह सग्गी और हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने शिमला में एक प्रेस वार्ता के जरिए कहा की किसान मोर्चे को 4 महीने पूरे हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं। ऐसे अत्याचार आज तक किसी भी शासनकाल में नहीं हुए।

 

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ने कहा कि सरकार ने जो यह तीन काले कानून बनाए हैं इसमें दो और शामिल है, जो है पराली का और बिजली का। यह पांच काले कानून प्रधानमंत्री ने किसानों की देव भूमि को हड़पने के लिए बनाए हैं।

 

प्रदेश की भाजपा सरकार भी किसानों के हितों में नहीं सोच रही है। किसानों को न्यूनतम मूल्य से कम में अपनी फसलें बेचकर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि हिमाचल में पैदा होने वाली सभी फसलों का सरकार न्यूनतम खरीद मूल्य तय करे।

 

असर टीम से भारती….

Deepika Sharma

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