न्यूयॉर्क में हिमाचल की ‘सूद सरकार शिमला’ का डंका, मिला Best Documentary Award

शिमला। हिमाचल की ऐतिहासिक विरासत और शिमला के शुरुआती व्यापारिक इतिहास को दुनिया के सामने रखने वाली वृत्तचित्र फिल्म ‘सूद सरकार शिमला’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। न्यूयॉर्क में 4 से 6 अगस्त 2026 तक आयोजित Indie Film Festival Awards (IFFA-2026) में फिल्म को Best Documentary Award से सम्मानित किया गया है। फिल्म को Best Direction और Best Documentary के लिए नामांकित किया गया था।
इस फिल्म की खास बात यह है कि यह केवल एक डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि शिमला के शुरुआती दौर में सूद समुदाय के योगदान और उनकी व्यापारिक विरासत की कहानी है। फिल्म प्रसिद्ध पुस्तक ‘Entrepreneurs of British Shimla’ पर आधारित है, जिसे श्री हरि सूद ने लिखा है।
बताया गया है कि शिमला के बसाव के शुरुआती दौर में सूद समुदाय के पूर्वजों ने मेहनत, ईमानदारी और व्यापारिक कौशल के बल पर शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1832 के आसपास जसवां क्षेत्र से चार युवा व्यापार की संभावनाएं तलाशते हुए शिमला पहुंचे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने यहां व्यापार में अपनी पहचान बनाई। यही वजह रही कि आगे चलकर 1832 से 1932 के दौर में ‘शिमला’ और ‘सूद सरकार’ एक-दूसरे के समानार्थी माने जाने लगे।
24 मिनट 26 सेकंड की इस वृत्तचित्र फिल्म को तैयार करना भी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। IFFA-2026 में 45 देशों से कुल 139 फिल्मेंभेजी गई थीं, जिनमें से केवल 46 फिल्मों को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया। ‘सूद सरकार शिमला’ को Best Direction और Best Documentary, दोनों श्रेणियों में नामांकन मिला और अंततः फिल्म ने Best Documentary का पुरस्कार अपने नाम कर लिया।
फिल्म का लेखन, निर्माण और निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं लेखिका भारती कुठियाला ने किया है। वह हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की पहली महिला पूर्व सदस्य रही हैं। उनकी चर्चित पुस्तकों में ‘सुनो सूर्य’ और ‘सफर में सभी’ शामिल हैं। उन्होंने हिमाचली महिला कलाकारों की कहानियों के संपादन के साथ शिमला के रंगकर्मियों के अनुभवों पर शोधपरक पुस्तक ‘गेयटी के रंगचर’ भी लिखी है।
वृत्तचित्र में हिमाचल के जाने-माने कलाकार जवाहर कौल ने अपनी दमदार आवाज और अदाकारी से कहानी को प्रभावशाली बनाया है। पांच दशकों से थिएटर और रेडियो से जुड़े जवाहर कौल 300 से अधिक रेडियो और मंचीय नाटकों के अलावा वेब सीरीज में भी काम कर चुके हैं और ए-ग्रेड रेडियो कलाकार हैं।
फिल्म के फिल्मांकन और एडिटिंग का जिम्मा कपिल शर्मा ने संभाला। वह दो दशक से रंगमंच और करीब 15 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। उन्हें संस्कृति मंत्रालय से स्कॉलरशिप और सीसीआरटी से फेलोशिप भी प्राप्त हो चुकी है। उनके नेतृत्व में The Beginners Theatre Society Shimla शिमला के रंगमंच को नई पहचान देने में जुटी है।
IFFA की स्थापना भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक मुकेश मोदी ने स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से की है। मोदी ने वर्ष 2021 की अंग्रेजी फिल्म ‘द एलेवेटर’ से निर्देशन और निर्माण की शुरुआत की थी। उन्हें वर्ष 2024 में दादा साहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन की ओर से ‘अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
‘सूद सरकार शिमला’ की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद अब शिमला शहरवासियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने की तैयारी है। शिमला की गलियों, व्यापारिक विरासत और सूद समुदाय के योगदान की यह कहानी अब न्यूयॉर्क से लेकर दुनिया के फिल्म मंच तक पहुंच गई है।


