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ख़ास ख़बर: कुल्लू, ऊना, बिलासपुर, सोलन सहित आठ अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें

नाहन, हमीरपुर, बिलासपुर, धर्मशाला और सोलन में शुरू होगी डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा

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42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों और सभी सात राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ कर रही है ताकि लोगों को घर-द्वार के समीप ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला अस्पताल लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी लगाई जा रही हैं, जिससे विशेषज्ञ जांच और उपचार की सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।
उन्होंने कहा कि नैदानिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सोलन तथा क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें भी लगाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जांच के लिए इन मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इनका उपयोग छाती की जांच और टीबी की जल्द पहचान के लिए किया जाएगा, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के रेडियोलॉजी विभागों को और मजबूत करने के भी निर्देश दिए, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और शीघ्र ही सभी सात सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीद की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि लोगों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Deepika Sharma

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