ड्यूटी दुर्घटनाओं में मुआवजा व आश्रितों को नौकरी के लिए एकीकृत SOP जारी करने की मांग

शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि ड्यूटी के दौरान होने वाली घातक (Fatal) एवं अघातक (Non-Fatal) दुर्घटनाओं के मामलों में कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को मिलने वाले मुआवजे, वित्तीय सहायता तथा रोजगार सहायता योजना के लिए एकीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाए। संघ का कहना है कि इससे पूरे बोर्ड में पारदर्शी, समान और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
संघ ने कहा कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में कई पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को समय पर वैधानिक सहायता नहीं मिल पाती। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई मामलों में अनावश्यक विवाद तथा न्यायालयीन प्रकरण भी सामने आते हैं।
संघ ने सेवा के दौरान दिवंगत होने वाले कर्मचारियों के आश्रितों के लिए लागू Employment Assistance Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की। संघ के अनुसार योजना के तहत पात्र आश्रित को तीन माह के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन प्रशासनिक देरी और प्रक्रियागत औपचारिकताओं के कारण कई मामलों में नियुक्तियां समय पर नहीं हो पा रही हैं।
संघ ने उदाहरण देते हुए कहा कि विद्युत मंडल इंदौरा और विद्युत मंडल पालमपुर में कार्यरत रहे स्वर्गीय अजय कुमार (टी-मेट) और स्वर्गीय मोहन लाल की ड्यूटी के दौरान हुई घातक दुर्घटनाओं के बाद भी उनके आश्रितों को अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है। इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और शोकाकुल परिवारों को समय पर आर्थिक संबल नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने यह भी कहा कि इन मामलों में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र राहत और रोजगार सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने मांग की कि घातक दुर्घटना (Fatal Case) में पूर्व निर्धारित टाइप टेस्ट की शर्त को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए तथा पूर्व की भांति सभी पात्र आश्रितों को नौकरी प्रदान की जाए।
प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर ने कहा कि ऑर्डर नंबर-14 के तहत हायर पे-स्केल को 12 अप्रैल 2022 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों पर लागू करने की मांग तकनीकी कर्मचारी संघ पिछले दो वर्षों से कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि इस संबंध में स्पष्टीकरण के लिए सरकार को पिछले सप्ताह पत्र भेजा गया है। इसके अलावा विद्युत बोर्ड में कार्यरत ITI एवं Non-ITI कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित फाइल भी अंतिम चरण में है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।



