NHM कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा का स्वागत, स्थायी नीति व सामाजिक सुरक्षा की मांग फिर दोहराई
शिमला
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन चंद शर्मा ने मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट भाषण के दौरान NHM कर्मचारियों के लिए रैशनलाइजेशन के तहत वेतन वृद्धि की घोषणा का स्वागत करते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश भर के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है और सरकार से उनकी अपेक्षाएँ और बढ़ गई हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से प्रमुख मांग NHM कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति (Policy) बनाए जाने की रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएँ। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी और EPF जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को लागू करने की मांग भी दोहराई गई।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों की इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। इस अवसर पर उन्होंने सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मिशन निदेशक प्रदीप कुमार तथा उप मिशन निदेशक डॉ. राजेश गुलेरी के प्रयासों के लिए भी आभार व्यक्त किया। साथ ही भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से आग्रह किया कि लंबित प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी दी जाए ताकि कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
अमीन चंद शर्मा ने कहा कि जब तक बजट घोषणाओं को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों में संशय बना रहना स्वाभाविक है, क्योंकि पूर्व में भी कई घोषणाएँ क्रियान्वयन तक नहीं पहुंच पाई हैं। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन प्लान (PIP) को मंजूरी मिलते ही विभाग द्वारा इसे शीघ्र लागू किए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2016 में लागू लॉयल्टी बोनस की तर्ज पर, जिसमें 3, 5 और 10 वर्ष की सेवा पर क्रमशः 5%, 10% और 15% वेतन वृद्धि का प्रावधान था, वर्तमान वेतन वृद्धि में भी 7 वर्ष की शर्त को घटाकर 3–4 वर्ष किया जाए ताकि अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके।
अंत में NHM कर्मचारी संघ ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि वर्ष 2021–22 की तरह इस बार भी कर्मचारियों की आवाज सरकार तक पहुँचाने में सहयोग करें।



