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सुन्नी जल संकट : सुन्नी में 25 करोड़ से दूर होगा जल संकट, एक माह में पूरी होगी परियोजना – विक्रमादित्य सिंह

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लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुन्नी में जल संकट से निपटने के लिए 25 करोड़ रूपए की योजना पर कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है और एक महीने में यह परियोजना शुरू हो जाएगी जिससे क्षेत्र के लोगों को पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सुन्नी में आयोजित पीपल संस्कार पूजा में शामिल होने के उपरांत यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सुन्नी अस्पताल में सभी रिक्त पद जल्द से जल्द भरे जाए, इसके लिए भरसक प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह समय-समय पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से चर्चा करते रहते हैं ताकि इस दिशा में कार्य हो सके और क्षेत्र की समस्या का समाधान हो सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जायेगा क्रिटिकल केयर यूनिट का मुद्दा
उन्होंने कहा कि सुन्नी में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई थी परन्तु इसके लिए बजट की स्वीकृति जल्द से जल्द प्राप्त हो उसके लिए इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा ताकि इस भवन के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए जल्द जारी हो और इसका निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो।
उन्होंने कहा कि सुन्नी क्षेत्र में बहुत से विकास कार्य चले हुए हैं, जिनमें इंटरलॉकिंग टाइल्स और सोलर लाइट्स लगाने तथा सुन्नी बाजार में नालियां बनाने के कार्य शामिल हैं।
धर्मपत्नी संग पीपल संस्कार पूजा में हुए शामिल
विक्रमादित्य सिंह अपनी धर्मपत्नी डॉ अमरीन सिंह के साथ आज सुन्नी चौक में आयोजित पीपल संस्कार पूजा में शामिल हुए और रीति रिवाजों को निभाते हुए दोनों ने पीपल वृक्ष के सात फेरे भी लिए। उन्होंने कहा कि यह पीपल का पौधा उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह द्वारा 2014-15 में रोपित किया गया था। यह ख़ुशी की बात है कि उन्हें परिवार सहित इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पीपल वृक्ष संस्कार पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्मृति, संस्कार और सेवा की एक जीवंत कड़ी का रूप है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन में विकास और पर्यावरण के संतुलन को हमेशा प्राथमिकता दी। वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी और करोड़ों पौधे लगाने के संकल्प के साथ उन्होंने हिमाचल की हरियाली और भविष्य दोनों को मजबूत आधार देने की कोशिश की। ऐसे में सुन्नी में उनके द्वारा रोपित पीपल वृक्ष पर आयोजित संस्कार पूजा न केवल एक धार्मिक क्रिया है, बल्कि उनके पर्यावरण-संवेदनशील दृष्टिकोण और “हरियाली ही समृद्धि है” वाले विश्वास को विनम्र नमन भी है। उन्होंने कहा कि सुन्नी में आज सम्पन्न यह पीपल संस्कार पूजा आने वाले समय में भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी कि विकास की दौड़ में भी प्रकृति के प्रति लगाव और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा कभी कम नहीं होनी चाहिए।
गौसदन में गऊओं को खिलाया आहार, विश्राम गृह में सुनी लोगों की समस्याएं
पीपल संस्कार पूजा सम्पन्न होने के बाद विक्रमादित्य सिंह पत्नी सहित गोसदन पहुंचे तथा गऊओं को आहार खिलाया।
इसके पश्चात, उन्होंने विश्राम गृह सुन्नी में लोगों की समस्याएं सुनी और उनका निवारण सुनिश्चित किया।
यह भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर अजय लट्ठ, पूर्व अध्यक्ष शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, नगर पंचायत सुन्नी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, उपाध्यक्ष श्यामा देवी, विपिन शर्मा, प्रदीप वर्मा, गिरीश, कवीन्द्र कँवर, कपिल गुप्ता तथा अन्य गणमान्य
Deepika Sharma

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