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मोबाइल बैन पर शिक्षकों का विरोध, विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ राज्य प्रधान नरोत्तम वर्मा, महासचिव संजीव ठाकुर, वित्त सचिव सतीश पुंडीर, वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश नरयाल व पंकज कुमार ने संयुक्त ब्यान में कहा कि हिमाचल के स्कूलों में मोबाइल फोन के प्रयोग पर विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुरूप रोक का संघ स्वागत करता है क्योंकि न शिक्षक और न ही स्टूडेंट अब मोबाइल का उपयोग स्कूल में कर पाएंगे क्योंकि आदेशानुसार हिमाचल प्रदेश में अब स्कूलों में पहुंचते ही शिक्षकों को अपने फोन स्टाफ रूम में जमा करवाने होंगे। वहीं, विद्यार्थियों को भी घर से फोन लाने पर रोक लगाई गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई के वातावरण को बेहतर बनाने और छात्रों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्लास रूम में फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शिक्षकों और विद्यार्थियों का अधिकांश समय ध्यान फोन पर रहने की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए यह निर्देश जारी किए गए हैं। सभी स्कूल प्रमुखों को निरंतर जांच करने और उल्लंघन पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल छात्रों की पढ़ाई में सबसे बड़ा व्यवधान बन चुका है। कक्षा में पढ़ाई के दौरान घंटी बजना,संदेशों की टनटनाहट, नोटिफिकेशन और लगातार डिवाइस चेक करना पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है क्योंकि लगातार डिवाइस चेक करना न केवल छात्रों का ध्यान भटकाता है, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता पर भी बुरा असर डालता है।
इस बाबत संघ ने कहा कि अगर फ़ोन को स्कूल में ही ज़मा रखना है तो घर से लाना ही क्यों इसलिए संघ ने कहा कि जब अध्यापक स्कूल में फ़ोन लाएंगे ही नहीं तो सुबह अपनी ऑनलाइन हाज़री भी नहीं लगाएंगे और न ही मध्यान भोजन के बाबत सन्देश भेजेंगे और न ही कोई और क्रियाकलाप को अमलीजामा पहनाएंगे जो मोबाइल के माध्यम से पूरे किये जाते हैं इन सब बातों को मुद्देनज़र रखते हुए संघ ने विभाग को कहा कि इन सब क्रियाकलाप जो मोबाइल के माध्यम से पूरे किए जाते हैं अब सोमवार से अध्यापकों द्वारा उनको बिना मोबाइल पूरा न किये जाने की सूरत में इसका पूरा उतरदायित्व विभाग का होगा अगर इस कार्य को अमलीजामा न पहनाने के विरुद्ध विभाग ने किसी अध्यापक से जबाब माँगा तो संघ विभाग के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजायेगा। इसलिए विभाग अपने द्वारा जारी पत्र पर पुनर्विचार करे अन्यथा इसके विपरीत परिणाम सामने आएंगे।

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Deepika Sharma

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