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शिमला में 128 फीट ऊँची श्री राम जी की मूर्ति बनाने का प्रस्ताव अनुमोदित

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हिमाचल प्रदेश जिसे देवभूमि की संज्ञा से नवाजा गया है lयहां की सभ्यता संस्कृति आज भी देश के अन्य भागों के लोगों वह विदेश से आए आगंतुको के आकर्षण का केंद्र मानी जाती है l धर्म की हमारी संस्कृति को पोषित करने में बड़ी अहम भूमिका रही है , इसलिए हमारे धार्मिक स्थल संस्कृति का अटूट हिस्सा है l यहां केमंदिर जहां लोगों के विश्वास व भक्ति मानवता से जुड़े हैं, वही वह वास्तुकला और मूर्ति कला की भी अद्भुत धरोहर हैं l शोधकर्ता और कला प्रेमी इन मंदिरों के महत्व को समझने के लिए देश-विदेश से यहां आते हैंl

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ऐसे ही एक मंदिर से हम आपका परिचय करवाने जा रहे हैं l जी हाँ हम बात कर रहे हैं श्री राम मंदिर शिमला की, इस मंदिर की वास्तुकला, मूर्ति कला स्वयं भक्तों का ध्यान अपनी और आकर्षित करती है l आओ आपको रूबरू करवाते हैं इस मंदिर के इतिहास से जिसे बहुत कम लोग जानते हैं l

             

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सूद सभा के प्रधान राजीव सूद ने मंदिर का इतिहासबताते हुए, कहा की भविष्य में हनुमान जी की मूर्ति के साथ 128 फीट ऊँची श्री राम जी की मूर्ति बनाने का प्रस्ताव अनुमोदित हुआहैं l राम जी की मूर्ति का प्रस्ताव एसडीएम के पास भेजा गया है इसमें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है , लेकिन प्रयास अभी जारी है l उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल 1988 को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई l मंदिर की सुंदर-सुंदर पोशाके जयपुर से तैयार की जाती है l सूद सभा की पहल से मंदिर केपरिसर में ही एक फिजियोथैरेपी सेंटर भी शुरू किया गया है, इसमें Korean bed therapy, heat bed, vibrations therapyजैसी सेवाएँ दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक उपलब्ध हैं l सूद सभाद्वारा हर वर्ष 120 से 140 विधवाओं को पेंशन भी दी जाती है l इसके साथ ही दसवीं व बारहवी कक्षा के छात्रों को math औरscience की शिक्षा भी दी जाती हैं l सूद सभा द्वारा राम नवमी काउत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता हैं l इस दोरान राम चरित्र मानस का पाठ, भजन कीर्तन, भंडारे का आयोजन किया जाता हैंl राम नवमी पर मंदिर से ले कर राधा कृष्ण मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकलती हैं, जिसमे भगवा पगड़ी और धार्मिक गीत शामिलहोते हैं l राम नाम का पौधा लगाने वाले प्रथम गुरु थे संतनरकेवल बेदी जिनकी अमृतवाणी और रामायण की धुनों से मंदिर का कोना-कोना गूंजता था l  इसी पौधे को विशालकाय वृक्ष बना दिया है, उनके पुत्र अश्विनी बेदी जी ने जिनका केवल एक हीध्येय हैं की अधिक से अधिक श्रद्धालु राम नाम से जुड़े l

                 

22 जनवरी 2024 अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर श्री राम मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें हवन, सुंदर कांड पाठ, दीप प्रज्वलन, 1100 दीपों की आभायोजना, पुलिस बैंड की प्रस्तुति शामिल थी l रामलीला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित किया गया l मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर रंग बिरंगीसजावट, शिव विवाह, भजन कीर्तन, रुद्राभिषेक जैसे आयोजन होते रहते हैं l

जसवीर सूद ( डिंपल सूद

Deepika Sharma

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