विविध

पेंशन के लिए गिना जाए अनुबंध सेवाकाल :- सुरेंद्र पुंडीर

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

 

हिमाचल प्रदेश नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ जिला सिरमौर अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि अनुबंध सेवाकाल को पेंशन के लिए न गिना जाना ओ पी एस की मुख्यधारणा के विरुद्ध हैं जिससे अधिकतर तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हो जायेंगे। संघ अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, राज्य उपाध्यक्ष सुनील तोमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश परमार तथा कोषाध्यक्ष हरदेव ठाकुर ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन में जिन तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सबसे अधिक योगदान रहा उनका अधिकतर सेवाकाल अस्थाई सेवा पर होता हैं फलस्वरूप माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दैनिक भोगी सेवाकाल के आनुपातिक समय तथा अनुबंध के पूरे सेवाकाल को पेंशन हेतु गिने जाने के पक्ष में निर्णय दिया हैं अतः अब नए अधिनियम को पुरानी तिथि से लागू कर कर्मचारियों को पेंशन विहीन कर देना न्यायसंगत नहीं होगा । गोरतलब हे कि माननीय न्यायालयों के निर्णयों के मध्यनजर पुरानी पेंशन लागू होने पर अधिकतर अनुबंध कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन का विकल्प दिया जिसके कारण सरकार द्वारा नई पेंशन योजना के तहत उन्हें दिया जाने वाला नियोक्ता का शेयर भी बंद कर दिया गया हैं अतः अब अनुबंध सेवाकाल को पुरानी पेंशन हेतु न गिने जाने से उन कर्मचारियों को दोहरा नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त अधिकतर कर्मचारियों को पुनः न्यायलय की शरण में जाना पड़ेगा तथा अनावश्यक वित्तीय बोझ सहन करना होगा साथ ही सेवानिवृति के समय वृद्धावस्था में इन न्यायिक प्रक्रियाओं एवं वित्तीय बोझ से इनका मानसिक उत्पीड़न होने की संभावना बढ़ती जा रही हे।संघ अध्यक्ष ने माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि अनुबंध सेवा शर्तों से संबंधित अधिनियम में संशोधन कर अनुबंध सेवाकाल को पुरानी पेंशन हेतु अवश्य गिना जाए।

ashb advt_page-0001
Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close