शिक्षा

असर विशेष: अप्रैल में जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या उपयुक्त नहीं पाई जाती उन स्कूलों को कर दो बंद

हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने स्कूलों की डी नोटिफिकेशन के चलते हिमाचल सरकार को दिए हैं सुझाव

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अप्रैल में जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या उपयुक्त नहीं पाई जाती है उन स्कूलों को बंद कर दो।हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने हाल ही में मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से मिलकर मांग की थी कि जिन स्कूलों में 25 बच्चों से कम की संख्या प्लस वन और प्लस टू की इनरोलमेंट के आधार पर देखी जा रही है और उस आधार पर बंद करने का निर्णय लिया जाना है कृपया इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और इस पर जल्दी में कोई फैसला ना ले क्योंकि प्लस टू में इन स्कूलों में एडमिशन अप्रैल 2023 के बाद ही होनी है मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने संघ की मांग को गौर करते हुए फिलहाल स्कूलों की डी नोटिफिकेश ना करने का जो निर्णय लिया है उसका संघ स्वागत करता है और मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करता है इस संदर्भ में परसों हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का शिष्टमंडल दोबारा से प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता मे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिला जिसमें मांग की गई कि स्कूलों को बंद करने के पैरामीटर में अप्रैल माह में होने वाली प्लस वन और प्लस टू की एडमिशन को आधार मानकर बंद किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा और साथ ही यह भी कहा कि यदि अप्रैल में भी जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या उपयुक्त नहीं पाई जाती है उन स्कूलों को चलाने का कोई औचित्य भी नहीं रह जाता है उस स्थिति में संघ सरकार के साथ खड़ा है और जो भी निर्णय सरकार की तरफ से दिया जाएगा हम उसका समर्थन करेंगे l

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राजकीय अध्यापक संघ देगा साथ

संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री दोनों ही शिक्षा के प्रति गंभीर है और ऊर्जावान व्यक्तित्व होने के नाते दोनों ही प्रदेश को आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में बहुत आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा l

चौहान ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि संघ के द्वारा रखी गई मांग पर सरकार गौर करेगी जिससे हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों और बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े l

Deepika Sharma

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